लखनऊ, छह मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के राजकीय पक्षी सारस (क्रेन) के संरक्षण और ‘इको टूरिज्म’ (पारिस्थितिक पर्यटन) को बढ़ावा देने के लिए सारस सर्किट की स्थापना कर रही है और मैनपुरी तथा इटावा में इसे विकसित किये जाने की योजना है। एक आधिकारिक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।
बयान के अनुसार उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सारस सर्किट का विकास प्रदेश के मैनपुरी और इटावा जिलों के वेटलैंड (आर्द्रभूमि) में किया जा रहा है, जिसके तहत मैनपुरी के किर्थुआ, सहस, कुर्रा जरावां, सौज एवं समन के साथ इटावा के सरसई नावर और परौली रामायण वेटलैंड एरिया में सारस सर्किट विकसित किया जा रहा है।
सारस सर्किट में सारस पक्षी के संरक्षण के साथ इको टूरिज्म की गतिविधियों को भी शामिल किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य सारस पक्षी और वेटलैंड्स संरक्षण के साथ स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा देना है। यह स्थानीय लोगों को आय के अवसर उपलब्ध करवाएगा और सारस पक्षी और वेटलैंड्स के संरक्षण के लिए भी प्रेरित करेगा। इन परियोजनाओं का विकास ईको-टूरिज्म विकास बोर्ड के माध्यम से प्रदेश का वन विभाग कर रहा है।
बयान में कहा गया कि दुनिया में सबसे लंबी उड़ान के लिए लोकप्रिय सारस पक्षी, उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी है। इसका आवास और प्रजनन क्षेत्र विशेषतौर पर राज्य के मैनपुरी, इटावा, एटा, अलीगढ़ की वेटलैंड में है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार सारस पक्षी के संरक्षण के लिए सारस सर्किट का विकास कर रही है। जहां प्रदेश का वन विभाग, यूपी ईको टूरिज्म विकास बोर्ड के माध्यम से क्षेत्र के उथले जलाशयों, तालाबों और अन्य वेटलैंड को संरक्षित कर सारस पक्षी के अनुकूल बनाने का प्रयास कर रहा है।
साथ ही क्षेत्र में ईको टूरिज्म की गतिविधियों को भी विकसित किया जा रहा है। इस क्रम में मैनपुरी और इटावा जिलों के सारस सर्किट में प्रवेश द्वार, व्यू पॉइंट, डेक एवं बोटिंग स्पॉट, बटरफ्लाई गार्डन, सोलर साइट लाइटिंग, इंटरप्रिटेशन सेंटर, पार्किंग जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
भाषा
आनन्द रवि कांत