मुजफ्फरनगर (उप्र), 27 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में विधि के एक छात्र की हत्या की जांच के लिए पांच सदस्यों वाले एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। छात्र के परिवार ने पुलिस की जांच पर असंतोष जताया था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार ने पत्रकारों को बताया कि जिले के पुरकाजी थाना इलाके में विधि छात्र रोहन राठी (20) की हत्या की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक अमृत जैन की अगुवाई में यह एसआईटी जांच करेगी। इसमें सदर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) सुनील कुमार, सर्विलांस सेल प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह, विशेष अभियान समूह के प्रभारी मोहित सिंह, छपार थाना के प्रभारी निरीक्षक मोहित कुमार और पुरकाज़ी थाना के प्रभारी निरीक्षक मानवेंद्र भाटी शामिल होंगे।
पुलिस के अनुसार हरेती गांव के प्रधान विवेक राठी के बेटे रोहन का शव 24 सितंबर को पुरकाजी थाना इलाके के हरेती गांव के पास एक खेत में मिला था।
पुलिस ने 25 सितंबर को अलग-अलग मुठभेड़ों में नाज़िम (27) और शावेज (21) नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने पहले रोहन को कार से कुचला और बाद में इस डर से वापस आकर उसका गला घोंट दिया कि वह उन्हें पहचान सकता है।
एसआईटी का गठन शनिवार को हरेती गांव में हुई शोक सभा के दौरान रोहन के परिवार द्वारा जताई गई चिंताओं के बाद किया गया है। खबरों के मुताबिक, परिवार वालों ने आरोप लगाया कि हत्या में दूसरे लोग भी शामिल हो सकते हैं और उन्होंने मामले की गहराई से जांच की मांग की।
इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल कुमार ने एसएसपी संजय कुमार से मुलाकात की, जहां रोहन के परिवार के सदस्यों ने भी जांच को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं।
शोक सभा में मंत्री, सांसद हरेंद्र सिंह, रालोद के ज़िला अध्यक्ष संजय राठी और भारतीय किसान यूनियन के ज़िला अध्यक्ष नवीन राठी समेत कई राजनीतिक और सामाजिक नेता शामिल हुए।
पुलिस ने कहा कि एसआईटी मामले की आगे जांच करेगी और परिवार द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गौर करेगी। आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है। भाषा सं आनन्द रंजन
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