सोनभद्र में सातवीं की छात्रा से दुष्कर्म और गर्भपात कराने के दोषी को 20 साल की सजा

सोनभद्र में सातवीं की छात्रा से दुष्कर्म और गर्भपात कराने के दोषी को 20 साल की सजा

सोनभद्र में सातवीं की छात्रा से दुष्कर्म और गर्भपात कराने के दोषी को 20 साल की सजा
Modified Date: September 17, 2025 / 04:42 pm IST
Published Date: September 17, 2025 4:42 pm IST

सोनभद्र (उप्र), 17 सितंबर (भाषा) सोनभद्र जिले की एक अदालत ने सातवीं कक्षा की एक छात्रा से दुष्कर्म करने और उसका गर्भपात कराने के जुर्म में एक व्यक्ति को 20 साल के कारावास और 50,000 रुपये जुर्माने की बुधवार को सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता ने यह जानकारी दी।

शासकीय अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरि ने बताया कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के मामले के विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह की अदालत ने इस मामले में रमेश को दोषी करार दिया।

उन्होंने बताया कि मामला 2021 में जुगैल थाना क्षेत्र के एक गांव का है जहां रमेश ने 12 वर्षीय कक्षा सात की छात्रा को उसके पिता से यह कहकर अपने साथ ले गया था कि वह उसका पालन-पोषण करेगा और उसकी शादी भी कराएगा।

अग्रहरि ने बताया कि आरोपी के आश्वासन और पांच बेटियों होने के कारण पिता ने अपनी सबसे छोटी बेटी को रमेश को सौंप दिया।

उन्होंने बताया कि रमेश बच्ची को अपने साथ ले गया तथा कुछ समय बाद उससे दुष्कर्म किया और जब पीड़िता गर्भवती हो गई, तो रमेश ने दवा खिलाकर उसका गर्भपात करवा दिया।

शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा। धमकी देने के बाद रमेश ने पीड़िता को उसके मौसा के घर छोड़ दिया। बच्ची ने अपने मौसा, मौसी और मां को घटना के बारे में बताया।

अग्रहरि ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। उन्होंने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद रमेश को दोषी करार देते हुए 20 साल की कैद और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

भाषा सं सलीम नरेश खारी

खारी


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