सपा प्रमुख ने उप्र में एसआईआर के आंकड़ों पर सवाल उठाए, ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया

सपा प्रमुख ने उप्र में एसआईआर के आंकड़ों पर सवाल उठाए, ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया

सपा प्रमुख ने उप्र में एसआईआर के आंकड़ों पर सवाल उठाए, ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया
Modified Date: January 11, 2026 / 06:48 pm IST
Published Date: January 11, 2026 6:48 pm IST

लखनऊ, 11 जनवरी (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दबाव में “वोट चोरी” की जा रही है।

सपा मुख्यालय से जारी एक बयान में यादव ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश विधानसभा की मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया, जबकि उसी समय राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनावों के लिए भी एसआईआर किया।

उन्होंने कहा कि दोनों ही प्रक्रियाओं में काम समान बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा किया गया।

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यादव ने कहा, “आश्चर्यजनक रूप से, विधानसभा एसआईआर के बाद राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 2.89 करोड़ घटकर 12.56 करोड़ रह गई। वहीं दूसरी ओर, पंचायत एसआईआर के बाद ग्रामीण मतदाताओं की संख्या 40 लाख बढ़कर 12.69 करोड़ हो गई।”

सपा प्रमुख ने निर्वाचन आयोग के समक्ष सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘हमें बताएं कि दोनों एसआईआर में से कौन सा सही है, क्योंकि दोनों आंकड़े एक ही समय में सही नहीं हो सकते।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा के दबाव में आकर अधिकारियों ने मतदान में हेराफेरी के ‘संतुलन’ को बनाए रखने में लापरवाही बरती, जिसके कारण पूरी प्रक्रिया की पोल खुल गई।

यादव ने कहा कि “भाजपा के दबाव में वोट चोरी का समीकरण बराबर करना भूल गए और पोल पूरी तरह से खुल गई।’’

भाषा

भाषा आनन्द पवनेश नेत्रपाल

नेत्रपाल


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