रामपुर पहुंचा सपा का प्रतिनिधिमंडल:जौहर विवि को ध्वस्त करने के आदेश को वापस लेने की मांग

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रामपुर पहुंचा सपा का प्रतिनिधिमंडल:जौहर विवि को ध्वस्त करने के आदेश को वापस लेने की मांग

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  • Publish Date - July 23, 2026 / 07:09 PM IST,
    Updated On - July 23, 2026 / 07:09 PM IST

रामपुर (उप्र), 23 जुलाई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने बृहस्पतिवार को रामपुर पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने के रामपुर विकास प्राधिकरण के आदेश को वापस लेने की मांग की।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे की अगुवाई में रामपुर पहुंचे सपा के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। बाद में प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने जौहर विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों और छात्रों से भी मुलाकात की। सदस्यों ने कहा कि छात्रों की समस्याओं के बारे में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भी अवगत कराया जाएगा।

बाद में संवाददाताओं से बातचीत में पांडेय ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने के आदेश को वापस लेने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि इसमें यह भी कहा गया है कि चूंकि विश्वविद्यालय एक शैक्षणिक संस्था है और उसमें गरीब बच्चे भी पढ़ते हैं, इसलिये इसे नुकसान न पहुंचाया जाए।

उन्होंने बताया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर आए इस प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी के 45 विधायकों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।

पांडेय ने कहा कि समाजवादी पार्टी जौहर विश्वविद्यालय को बचाने की पूरी लड़ाई लड़ेगी। जौहर विश्वविद्यालय के संस्थापक और जेल में बंद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान के बारे में पूछे जाने पर पांडेय ने कहा, ”हम प्रयास कर रहे हैं कि वह जेल से रिहा हों।’’

उन्होंने विश्वास जताया के उत्तर प्रदेश की आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी भारी बहुमत से सरकार बनाएगी।

ज्ञापन में कहा गया है कि जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण के वक्त सींगन खेड़ा गांव, जहां यह विश्वविद्यालय स्थापित है, वहां निर्माण के लिये उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1947 अथवा किसी अन्य कानून के तहत निर्माण की इजाजत लेने की आवश्यकता नहीं थी, ऐसे में अब विश्वविद्यालय को यह कहकर ध्वस्त करने का आदेश देना सही नहीं है कि इसका निर्माण रामपुर विकास प्राधिकरण से इजाजत लेकर नहीं किया गया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई संविधान, कानून तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप तथा शिक्षा एवं छात्रों के भविष्य पर विचार करने के बाद ही होनी चाहिए।

ज्ञापन में कहा गया है कि अगर विश्वविद्यालय में किसी निर्माण के नक्शे या भूमि से संबंधित कोई विवाद है, तो उसका समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए, ताकि शिक्षा, विद्यार्थियों के हित तथा जनसामान्य का अहित न हो।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक बयान में कहा कि दिल्ली में परीक्षा को लेकर आंदोलन चल रहा है और रामपुर में शिक्षा को लेकर।

उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय को बचाने से ही उसके छात्रों का भविष्य बचेगा, इसी हमदर्दी भरे नजरिए से आज समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा है, जिसने छात्रों की मांगों का पूरा समर्थन किया है।

उन्होंने अपील करते हुए कहा, ”हर विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है और जौहर विश्वविद्यालय को बचाने के लिए देश भर के लोगों से अपील करते हैं कि वे हमारे साथ आएं।”

यादव ने कहा कि बदले की भावना से सुलग रही भाजपा सरकार जौहर विश्वविद्यालय को अपनी संकीर्ण राजनीति का शिकार बनाने की कोशिश न करे।

रामपुर विकास प्राधिकरण ने हाल ही में अपने एक आदेश में जौहर विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को यह कहते हुए ध्वस्त करने का आदेश दिया था कि इनका निर्माण प्राधिकरण से मंजूरी लिये बगैर किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस आदेश के खिलाफ मंडलायुक्त की अदालत में अपील की है।

जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना सपा के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में जेल में बंद आजम खान ने वर्ष 2006 में करायी थी।

भाषा सलीम संतोष

संतोष