लखनऊ, 13 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए विपक्षी दल के कार्यकाल के दौरान शिक्षा विभाग में प्रशासनिक ‘अव्यवस्था’ और ‘गंभीरता की कमी’ का आरोप लगाया।
योगी ने विधानसभा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि सपा सरकार के शासनकाल में उन्होंने एक ऐसी स्थिति देखी थी, जहां माध्यमिक शिक्षा मंत्री को विभाग के अधिकारी ने पहचाना तक नहीं था।
मुख्यमंत्री ने उस घटना को जिक्र करते हुए कहा कि जब वह गोरखपुर से सांसद थे और एक रेलवे स्टेशन पर गए थे, उस वक्त वहां कुछ अधिकारी भी मौजूद थे।
उन्होंने कहा, “उसी वक्त सपा सरकार के माध्यमिक शिक्षा मंत्री भी आ गए। मुझे यह देखकर हैरानी हुई कि अधिकारी मंत्री का अभिवादन करने के लिए खड़े भी नहीं हुए।”
योगी ने सपा सदस्यों की तरफ इशारा करते हुए कहा, “जब मैंने एक अधिकारी से पूछा कि क्या वह मंत्री के साथ आया था तो अधिकारी ने जवाब दिया, कौन से मंत्री? जब मैंने मंत्री की तरफ इशारा किया तो उन्होंने खुद कहा कि वह छह महीने से दफ्तर नहीं गये हैं और शायद इसलिए अधिकारियों ने उन्हें नहीं पहचाना।”
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के शहादत दिवस पर हुए एक किस्से का जिक्र किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के एक शिक्षा मंत्री को कार्यक्रम में बुलाया गया था।
योगी ने हंसते हुए कहा, “जब उन्हें बताया गया कि यह बिस्मिल का शहीदी दिवस है तो मंत्री ने उन्हें बिस्मिल्ला खान समझ लिया और कहा कि बिस्मिल्ला खान को हाल ही में एक अवॉर्ड मिला है और सवाल किया कि उन्हें फांसी कैसे दी जा सकती है।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जब मौजूद लोगों में से किसी ने मंत्री को यह कहकर टोका कि बात तो पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की थी, बिस्मिल्ला खान का नहीं।
इस पर मंत्री ने उस व्यक्ति पर भारतीय जनता पार्टी का समर्थक होने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “अंधेर नगरी, चौपट राजा यही था।”
उन्होंने कहा, “ऐसी घटनाएं उस समय की शिक्षा व्यवस्था की हालत दिखाती हैं। अगर व्यवस्था का हाल यह था तो विद्यार्थियों से क्या उम्मीद की जा सकती थी?”
योगी ने यह भी कहा कि वे घटनाएं मनगढ़ंत नहीं बल्कि उनके पास अपने दावों को साबित करने के लिए सबूत हैं।
भाषा सलीम जितेंद्र
जितेंद्र