Muslim Family Donates Land: हिंदू मंदिर के लिए मुस्लिम परिवार ने दान की 80 लाख रुपए की जमीन, निर्माण का खर्च उठाने का भी किया ऐलान

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Muslim Family Donates Land: मोहाली में एक मुस्लिम शख्श ने मंदिर निर्माण के लिए अपनी 325 गज जमीन दान कर दी।

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  • Publish Date - February 13, 2026 / 11:15 PM IST,
    Updated On - February 13, 2026 / 11:17 PM IST

Muslim Family Donates Land/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • मुस्लिम शख्श ने मंदिर निर्माण के लिए अपनी जमीन दान की है।
  • दान की गई इस जमीन की कीमत लगभग 80 लाख रुपए बताई जा रही है।
  • मुस्लिम शख्श ने मंदिर निर्माण का खर्चा उठाने का भी फैसला लिया है।

Muslim Family Donates Land: मोहाली: एक तरफ देश में जहां आए दिन हिंदू-मुस्लिम विवाद से जुड़ी कई बड़ी ख़बरें सामने आती है। वहीं पंजाब के मोहाली से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। दरअसल, मोहाली में एक मुस्लिम शख्श ने मंदिर निर्माण के लिए अपनी 325 गज जमीन (Muslim Family Donates Land) दान कर दी। दान की गई इस जमीन की कीमत लगभग 80 लाख रुपए बताई जा रही है।

किस शख्स ने दान की जमीन?

Muslim Family Donates Land:  मिली जानकारी के अनुसार, मोहाली के झामपुर इलाके में मुस्लिम शख्स मोहम्मद इमरान हैप्पी ने स्थानीय हिंदू समुदाय को सनातन धर्म मंदिर के निर्माण के लिए अपनी 325 गज जमीन दान की। मोहम्मद इमरान को इमरान हैप्पी के नाम से जाना जाता है। मोहम्मद इमरान ने कहा कि, गांव में हिंदू समुदाय को लंबे समय से पूजा के (Muslim Family Donates Land) लिए एक निर्धारित स्थान के अभाव के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से उन्होंने अपनी जमीन दान कर दी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपए बताई जा रही है।

इमरान ने कही ये बड़ी बात

Muslim Family Donates Land:  मोहम्मद इमरान ने कहा कि, झामपुर में रहने वाले हिंदू परिवारों के पास पूजा करने के लिए अपनी कोई जगह नहीं थी. वे मंदिर बनाना चाहते थे, लेकिन जमीन नहीं थी। हिंदू समुदाय के लोगों ने अपनी ये पपरेशानि इमरान को बताया, तो उन्होंने इस बारे में अपने मार्गदर्शक, पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी से (Muslim Family Donates Land) बात की। इस दौरान इमरान ने उनसे पूछा कि क्या मंदिर बनाने के लिए जमीन दी जा सकती है। इस पर शाही इमाम ने तुरंत सहमति जताते हुए कहा, ‘हां, क्यों नहीं?’ फिर हिंदू समुदाय की जरूरत को समझते हुए जमीन देने की मंजूरी दे दी गई, ताकि वे अपना मंदिर बना सकें। इमरान में मंदिर के निर्माण का खर्च भी उठाने का फैसला किया है।

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