पुलिस को चकमा देकर गोंडा पहुंची सपा विधायक पल्लवी पटेल

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पुलिस को चकमा देकर गोंडा पहुंची सपा विधायक पल्लवी पटेल

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  • Publish Date - September 13, 2026 / 10:08 PM IST,
    Updated On - September 13, 2026 / 10:08 PM IST

गोंडा (उप्र), 13 सितंबर (भाषा) कौशांबी जिले के सिराथू विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) की विधायक पल्लवी पटेल रविवार सुबह पुलिस को चकमा देकर यहां विनोद साहनी के घर पहुंच गईं।

उन्होंने परिजनों को ढाढ़स बंधाते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा और सुरक्षा की मांग की।

अपना दल (कमेरावादी) की राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष कृष्‍णा पटेल और अपना दल के संस्‍थापक दिवंगत डाक्‍टर सोनेलाल की पुत्री पल्‍लवी पटेल ने 2022 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन में सपा के निशान से उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को सिराथू में पराजित किया था।

उनकी छोटी बहन और अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी दल के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व की सरकार में केंद्र में राज्य मंत्री हैं।

गोंडा में जिला पुलिस एव प्रशासन रविवार सुबह को भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण के आने की सूचना पर मुस्तैद थे। इसी बीच पल्लवी पटेल रेक्सडिया गांव में विनोद साहनी के घर पहुंच गईं। उन्होंने विनोद की पत्नी ऊषा देवी, बेटे राजा और बेटियों– रागिनी एवं विजयलक्ष्मी से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

विधायक ने सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिनदहाड़े हत्याओं से परिवार उजड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विनोद निषाद एवं मल्लाह समाज की आवाज उठाते थे तथा जिस तरह उनकी हत्या हुई, उससे शोषित एवं पिछड़े वर्ग के लोग डरे हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में आतंकवादियों से ज्यादा खतरा ‘जातंकवादियों’ से है।

पल्लवी पटेल ने आरोप लगाया कि सत्ता संरक्षित लोगों की सुनवाई होती है, जबकि पिछड़ों और दलितों की अनदेखी की जाती है।

पल्लवी पटेल ने कहा कि घायल विनोद ने खुद गोलू और आकाश का नाम लिया था, जो तहरीर में भी दर्ज है।

उन्होंने कहा कि चार लोगों की गिरफ्तारी और दो अधिकारियों के निलंबन से न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को पीड़ित परिवार की लंबे समय तक सुरक्षा और न्याय की गारंटी देनी चाहिए।

सोशल मीडिया पोस्ट पर उन्होंने कहा कि सबको अभिव्यक्ति की आजादी है, लेकिन शोषित समाज के पक्ष में लिखने पर उसे अपराध की श्रेणी में ला दिया जाता है।

पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण को बाराबंकी में रोक लिया गया।

नौ सितंबर को गोंडा के पारसपुर इलाके के शाहपुर धनोवा के बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी (45) की हत्या के बाद राजनीतिक पारा चढ़ गया। उप्र सरकार के मत्स्य मंत्री संजय निषाद समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने मामले को लेकर प्रदर्शन किया। इस हत्या के बाद विधानसभा चुनाव से पहले निषाद समुदाय तक पहुंचने की राजनीतिक कोशिशें तेज़ हो गई है।

विपक्षी पार्टियां साहनी और उनके परिवार के साथ अपने संबंध दिखाने की कोशिश कर रही हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, समाजवादी पार्टी के नेताओं समेत कई राजनीतिक दलों ने पीड़ित परिवार से मिलने या उनके प्रति एकजुटता दिखाने की कोशिश की है।

भाषा सं आनन्द

राजकुमार

राजकुमार