सपा ने एक बार फिर ‘प्रोफेसर साहब’ को राज्यसभा चुनाव के लिए बनाया उम्मीदवार
सपा ने एक बार फिर ‘प्रोफेसर साहब’ को राज्यसभा चुनाव के लिए बनाया उम्मीदवार
लखनऊ, 30 सितंबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के एक प्रमुख रणनीतिकार और सियासी हलकों में ‘प्रोफेसर साहब’ नाम से मशहूर रामगोपाल यादव को पार्टी छठी बार राज्यसभा भेजने की तैयारी में जुटी है।
अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले, 16 अक्टूबर को राज्य की 10 राज्यसभा सीट के लिए चुनाव होना है। रामगोपाल ने बुधवार को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की उपस्थिति में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
इटावा जिले के सैफई में 29 जून 1946 को जन्मे रामगोपाल का संसदीय करियर तीन दशक से भी अधिक लंबा है। पहली बार, 1992 में वह राज्यसभा गए और 2004 तक लगातार दो कार्यकालों तक संसद के उच्च सदन के सदस्य रहे थे।
इसके बाद, 2004 में वह उप्र के संभल से लोकसभा के लिए चुने गए और 2008 तक संसद के निचले सदन के सदस्य रहे थे।
वह 2008 में फिर से उच्च सदन में लौटे। इसके बाद, 2014 और 2020 में भी राज्यसभा सदस्य चुने गए।
अब राज्यसभा में अपने छठे कार्यकाल के लिए उन्होंने सपा उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया है।
पार्टी के नंबर एक उम्मीदवार के रूप में उनकी उम्मीदवारी के बारे में पूछे जाने पर रामगोपाल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं पिछले 34 वर्षों से नंबर एक हूं। और अब फिर से (राज्यसभा में) छह वर्षों के लिए रहूंगा।’’
संसदीय अभिलेख उन्हें एक शिक्षाविद के रूप में वर्णित करते हैं, जिनके पास भौतिकी में एमएससी, राजनीति विज्ञान में एम.ए. की उपाधि है।
वह राज्यसभा में सपा के संसदीय दल के नेता हैं। वह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं।
भाषा
अभिनव मनीष जफर सुभाष
सुभाष

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