लखनऊ, 18 फरवरी (भाषा) समाजवादी पार्टी के नेताओं ने बुधवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया और उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा को एक लिखित शिकायत और ज्ञापन सौंपा।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी समर्थकों के नाम हटाए जा रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि निर्वाचन आयोग पार्टी की आपत्तियों और सबूतों का संज्ञान लेगा, निष्पक्ष निर्णय देगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने सहित कानूनी कार्रवाई शुरू करेगा।
समाजवादी पार्टी द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन देकर बताया है कि सुलतानपुर सदर विधानसभा के पोलिंग बूथ संख्या-87 पर फॉर्म-7 पर निरक्षर नन्दलाल का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर 26 ‘पीडीए’ मतदाताओं के नाम काटने का प्रयास किया गया है।
बयान के मुताबिक, नन्दलाल ने मीडिया के सामने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह निरक्षर हैं, अंगूठा का निशान लगाते हैं और उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर किया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि सिकन्दरपुर विधानसभा से समाजवादी पार्टी के वर्तमान विधायक जियाउद्दीन रिजवी की पत्नी आयशा रिजवी पोलिंग बूथ संख्या 172 पर मतदाता के रूप में दर्ज हैं। जिनका नाम मतदाता सूची से काटने के लिए फार्म-7 भरकर जमा किया गया है।
आरोप लगाया गया कि सरोजनी नगर विधानसभा पोलिंग बूथ संख्या 201 में समाजवादी पार्टी समर्थक मतदाताओं, विशेष कर मुस्लिम एवं पिछड़े-दलित मतदाताओं के नाम काटने के लिए 100 से अधिक फार्म-7 जमा कर दिये गये हैं।
इसी तरह ज्ञापन में जसवन्तनगर विधानसभा, अयोध्या विधानसभा, जनपद प्रतापगढ़ के बाबागंज विधानसभा, सकलडीहा विधानसभा, नहटौर विधानसभा सहित कई विधानसभा क्षेत्रों में हुई ‘‘गड़बड़ियों’’ की ओर आयोग का ध्यान दिलाया गया है।
ज्ञापन में, पार्टी ने दावा किया कि उसकी बार-बार की गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और आरोप लगाया कि आयोग, प्रशासन और भाजपा से जुड़े एक ‘‘त्रिकोणीय गठजोड़’’ ने तार्किक त्रुटियों के बहाने कुछ मतदाताओं को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
पार्टी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 आवेदन अज्ञात व्यक्तियों के नाम पर दाखिल किए जा रहे हैं और दावा किया कि ऐसे आवेदन कई स्थानों पर भाजपा द्वारा बड़ी संख्या में जमा किए जा रहे हैं।
ज्ञापन के अनुसार, पार्टी ने आरोप लगाया कि बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) ने पहले घर-घर जाकर सत्यापन किया और बड़ी संख्या में प्रविष्टियां हटा दीं, और दावा किया कि अब मतदाता सूची से सपा समर्थकों के नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
पार्टी ने आयोग से कथित तौर पर फर्जी आवेदन जमा करने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और पारदर्शी पुनरीक्षण प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जहां आवश्यक हो वहां प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया।
बयान के मुताबिक, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने समाजवादी पार्टी के विधायकों के प्रतिनिधिमण्डल से कहा कि किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं काटा जायेगा।
उन्होंने कहा कि फार्म-7 पर बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
भाषा जफर
शफीक
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