लखनऊ, दो अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र के मद्देनजर सभी विधायकों से लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन करते हुए सदन में अपनी बात रखने की अपेक्षा की है।
उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों को लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप कार्य करना चाहिए।
महाना ने रविवार को ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा अपने साढ़े चार वर्ष पूरे करने वाली है। इस दौरान सदन में अनेक रचनात्मक चर्चाएं हुई हैं। सरकार ने कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, विकास कार्यों को गति मिली है, बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और कानून-व्यवस्था भी मजबूत हुई है।’’
उन्होंने कहा कि विपक्ष का चिंता जताना और असहमति व्यक्त करना लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है।
महाना ने कहा, ‘‘सहमति और असहमति लोकतंत्र की आत्मा हैं। चर्चा इनके लिए सबसे प्रभावी माध्यम है। विपक्ष को भी आगे आकर अपने मुद्दे पूरी गंभीरता से सदन में रखने चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष का एजेंडा चाहे जो भी हो, सरकार उसका जवाब देगी। लेकिन सभी को लोकतांत्रिक मर्यादा के दायरे में रहकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।’’
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान सभी राजनीतिक दलों ने संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी मानसून सत्र में भी यह परंपरा कायम रहेगी और सभी सदस्य अपने-अपने विचार लोकतांत्रिक तरीके से सदन में रखेंगे।
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार, तीन अगस्त से शुरू होगा। इस दौरान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक बजट और अन्य विधायी कार्यों पर चर्चा की जाएगी।
भाषा
आनन्द रवि कांत