पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ और रणधीर सिंह बेनीवाल बसपा से निष्कासित

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पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ और रणधीर सिंह बेनीवाल बसपा से निष्कासित

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  • Publish Date - August 2, 2026 / 03:17 PM IST,
    Updated On - August 2, 2026 / 03:17 PM IST

लखनऊ, दो अगस्त (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने रविवार को राज्यसभा के पूर्व सदस्य अशोक सिद्धार्थ और पार्टी समन्वयक रणधीर सिंह बेनीवाल को बार-बार अनुशासनहीनता करने और संगठनात्मक निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप पर पार्टी से निष्कासित कर दिया।

मायावती ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सिद्धार्थ (मायावती के भतीजे आकाश आनंद के ससुर) को पहले भी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान अनुशासनहीनता, खासकर टिकट बंटवारे में पार्टी की राज्य इकाई के साथ तालमेल नहीं करने पर पार्टी से निकाला गया था।

उन्होंने कहा कि बाद में नेतृत्व को यह भरोसा दिलाने पर कि ऐसी गलतियां दोबारा नहीं होंगी, सिद्धार्थ को पार्टी में वापस ले लिया गया था।

बसपा प्रमुख ने पोस्ट में कहा कि इसके बाद सिद्धार्थ को पार्टी के संगठनात्मक आधार को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश के बाहर के राज्यों में जिम्मेदारियां सौंपी गयीं, मगर उनके खिलाफ कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से अनुशासनहीनता और पार्टी के निर्देशों के उल्लंघन की शिकायतें आती रहीं।

उन्होंने कहा कि शनिवार को सिद्धार्थ को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था, लेकिन संगठन के भीतर भ्रम पैदा करने और उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बसपा के अभियान में बाधा डालने के लिए जानबूझकर उनके उत्तर प्रदेश लौटने की खबरें फैलाई जा रही थीं।

मायावती ने कहा, ‘‘अतः पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित में अशोक सिद्धार्थ को आज तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है और अब इन्हें पार्टी में आगे कतई वापस नहीं लिया जायेगा।”

बसपा प्रमुख ने कहा कि इसी तरह रणधीर सिंह बेनीवाल को बसपा के समन्वयक के रूप में पंजाब सहित हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर की भी कुछ जिम्मेदारी दी गयी थी। उनके विरुद्ध़ भी अनुशासनहीनता तथा पार्टी दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने की खबरें लगातार आती रही हैं, लिहाजा अब बेनीवाल को भी तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।

मायावती ने आगे कहा कि राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम पंजाब विधानसभा चुनाव और उसके बाद होने वाले लोकसभा चुनाव तक अन्य राज्यों के साथ-साथ पंजाब के भी प्रभारी बने रहेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि बसपा नेतृत्व की यह नीति है कि उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारी और समन्वयक जो अभी दूसरे राज्यों में जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में कोई संगठनात्मक भूमिका नहीं सौंपी जाएगी।

मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे उन ‘शरारती और साजिश रचने वाले तत्वों’ से सावधान रहें, जो कथित तौर पर उत्तर प्रदेश में बहुमत वाली सरकार बनाने के बसपा के अभियान को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वे पार्टी के खिलाफ ‘गलत और गुमराह करने वाली जानकारी’ का प्रचार न करें।

भाषा सलीम

संतोष

संतोष