मेरठ: UP Crime News देश में दहेज प्रथा एक गंभीर और लंबे समय से चली आ रही सामाजिक समस्या है। यह प्रथा न केवल महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न का कारण बनती है, बल्कि इसके चलते कई प्रकार की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। दहेज की मांग के कारण शादियों में तनाव, घरेलू हिंसा, और कभी-कभी तो हत्याएं भी होती हैं, तो कई बार ऐसी स्थिति आ जाती है कि शादी के बाद दहेज की वजह से हत्याएं भी हो जाती है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश से सामने आया है। जहां शादी के दो महीने बाद दूल्हे ने अपनी नई नवेली दुल्हन की हत्या कर दी।
UP Crime News मिली जानकारी के अनुसार, मामला मेरठ जिले का है। दरअसल, यहां रहने वाले एक निशांत नाम के युवक की शादी दो महीने पहले हुई थी। जिसके बाद पति ने अपनी पत्नी शाहीन की तकिये से गला दबाकर हत्या कर दी। शुरुआत में इस हत्या को बंदरों के हमले के रूप में पेश किया गया था, लेकिन बाद में पति निशांत ने अपनी पत्नी के मर्डर को खुद ही कबूल कर लिया।
इस मामले में लड़की के मायके वालों ने आरोप लगाया है कि यह हत्या दहेज में क्रेटा कार न देने की वजह से की गई। ऐसे मामलों में दहेज प्रथा का दबाव महिला के परिवार पर कितना बढ़ता है, इसका स्पष्ट उदाहरण है। यह भी दिखाता है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर घरों में हिंसा और अपराध के मामलों में वृद्धि हो रही है, जो समाज के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।
दहेज हत्या तब होती है जब दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर महिला को जान से मार दिया जाता है। यह भारतीय दंड संहिता के तहत एक गंभीर अपराध है।
क्या मेरठ में हुई हत्या दहेज के कारण हुई थी?
हां, लड़की के परिवार ने आरोप लगाया है कि पति ने अपनी पत्नी की हत्या दहेज में क्रेटा कार न देने के कारण की।
दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए कौन से कदम उठाए जा रहे हैं?
दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए भारत सरकार ने दहेज निषेध कानून (1961) लागू किया है और जागरूकता अभियानों के माध्यम से इस प्रथा के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है।
दहेज हत्या के मामलों में सजा क्या होती है?
दहेज हत्या के मामलों में दोषी को भारतीय दंड संहिता के तहत कठोर सजा दी जा सकती है, जिसमें आजीवन कारावास या फांसी की सजा भी हो सकती है।