लखनऊ, 12 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर उनकी सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश ने समावेशी कल्याण, बुनियादी ढांचे के विकास, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और बेहतर शासन-व्यवस्था के साथ एक बदलाव का दौर देखा है।
मोदी सरकार द्वारा 140 करोड़ भारतीयों की सेवा के 12 साल पूरे होने के मौके पर पत्रकारों से बातचीत में आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व और भारत की विकास यात्रा को स्वीकार किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘पूरे देश और दुनिया ने 10 जून को लगातार सबसे लंबे समय तक भारत का निर्वाचित प्रधानमंत्री बने रहने की प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का जश्न देखा। दुनिया भर के नेताओं ने उन्हें बधाई दी और उनकी दृष्टि और नेतृत्व की सराहना की।’’
वर्ष 2014 से पहले और इसके बाद की अवधि, दोनों के बीच का अंतर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जाति, पंथ, क्षेत्र या भाषा से परे हर भारतीय ने पिछले 12 वर्षों में बदलते भारत को देखा है। आज की पीढ़ी नए भारत का नागरिक होने पर गर्व कर सकती है जिसने कई चुनौतियों के बावजूद अपनी विकास यात्रा जारी रखी है।’’
उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व स्तर पर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है और वह अन्य देशों के लिए एक मॉडल बनकर उभरेगा।
आदित्यनाथ ने बड़े पैमाने पर कल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने का श्रेय मोदी सरकार को दिया। इनमें जन धन खातों के जरिए वित्तीय समावेश, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण, गरीबों के लिए घर, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा और मुद्रा, स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी पहल शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘पहली बार देश ने न केवल योजना बनाना देखा है, बल्कि सभी हितधारकों को साथ लेकर और कार्यक्रमों को जन-आंदोलन में बदलकर उन्हें प्रभावी ढंग से लागू होते भी देखा है।’’
मुख्यमंत्री ने मोदी की ओर से अक्सर दोहराई जाने वाली बात को फिर से रखते हुए कहा कि भारत में असल में ‘चार जातियां’ (गरीब, महिलाएं, युवा और किसान) हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियां इन्हीं के कल्याण को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं।
गरीबी दूर करने का जिक्र करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में लगभग 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर इन कार्यक्रमों से देश को फायदा हुआ है, तो उत्तर प्रदेश सबसे अधिक फायदा उठाने वाले राज्यों में से एक रहा है।’’
उन्होंने राज्य में लागू आवास, स्वच्छता, मुफ्त एलपीजी कनेक्शन, स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त राशन योजनाओं का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना किसी भेदभाव के कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लिए, गरीब सिर्फ एक गरीब है। हम जाति, धर्म या समुदाय नहीं देखते। गरीबों को सशक्त बनाना और उन्हें टिकाऊ विकास प्रक्रिया का हिस्सा बनाना जरूरी है।’’
महिलाओं के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे कार्यक्रमों, मातृ कल्याण योजनाओं, महिला स्वयं-सहायता समूहों और राजनीतिक सशक्तिकरण की पहलों ने महिलाओं के लिए अवसरों में काफी सुधार किया है।
मुख्यमंत्री ने भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार के प्रयासों की भी सराहना की।
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जो सदियों से नहीं हुआ था, उसे मोदी जी ने मुमकिन कर दिखाया। उन्होंने भारत की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान किया।’’
उन्होंने भारत की सभ्यतागत विरासत को संरक्षित करने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण देते हुए काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक के विकास और केदारनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का जिक्र किया।
आंतरिक सुरक्षा पर आदित्यनाथ ने कहा कि देश ने वामपंथी उग्रवाद को रोकने में काफी प्रगति की है।
उन्होंने कहा, ‘‘एक समय था जब लगभग 150 जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। जो इलाके कभी हिंसा के लिए जाने जाते थे, आज वहां विकास, पर्यटन और निवेश हो रहा है।’’
उन्होंने इस बदलाव का श्रेय मोदी सरकार की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रभावी शासन को दिया।
आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना महामारी से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों जैसी चुनौतियों से निपटने में मोदी सरकार के रुख से शासन में एक नया आत्मविश्वास झलकता है।
उन्होंने कहा कि भारत ने मुफ्त जांच, टीकाकरण, इलाज और अनाज वितरण के जरिए कोरोना प्रबंधन में दुनिया के सामने एक मिसाल पेश की है, जबकि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी रक्षात्मक कार्रवाई ने आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों से सख्ती से निपटने के देश के संकल्प को दिखाया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश अपने विकास की रूपरेखा को प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के साथ जोड़ रहा है।
उन्होंने 2030 तक एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के राज्य के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य 2036 तक दो हजार अरब डॉलर और 2047 तक पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है।
उन्होंने कहा कि राज्य ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ और ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री को उनके कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौर कल्याण-केंद्रित शासन, आर्थिक बदलाव, राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत के सांस्कृतिक आत्मविश्वास की बहाली के लिए याद किया जाएगा।
भाषा चंदन आनन्द खारी
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