Good News for Farmers Today: हरियाली से पहले बीजेपी सरकार ने किसानों को दी कर्जमाफी की सौगात, खाते में ट्रांसफर किए पैसे, आपके खाते में आया कि नहीं? फटाफट करें चेक

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Good News for Farmers Today: हरियाली से पहले बीजेपी सरकार ने किसानों को दी कर्जमाफी की सौगात, खाते में ट्रांसफर किए पैसे, आपके खाते में आया कि नहीं? फटाफट करें चेक

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  • Publish Date - August 8, 2026 / 01:45 PM IST,
    Updated On - August 8, 2026 / 01:47 PM IST
HIGHLIGHTS
  • हरियाली से पहले 6.22 लाख किसानों के खाते में आए पैसे
  • बैंक खातों में ₹5,000 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर
  • आधार वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद मिलेगा पात्र किसानों को लाभ

मुंबई: Good News for Farmers Today आगमी दिनों में हरियाली अमावस्या आने वाली है। हरियाली अमावस्या पर किसान से जुड़े लोग खेती किसानी से जुड़े औजार, हल आदि की पूजा करते हैं। किसानों के लिए ये दिन बेहद अहम माना जाता है। ऐसे में हरियाली के पर्व को किसानों के खास बनाने के लिए सरकार ने बड़ी पहल की है। प्रदेश सरकार ने किसानों के खाते में कर्ज माफी योजना के तहत फंड ट्रांसफर करना शुरू कर दिया है। सरकार ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कृषि ऋण माफी योजना’ के तहत 6.22 लाख किसानों के बैंक खातों में ₹5,000 करोड़ से ज़्यादा रकम जमा की है।

किसानों के खाते में आए पैसे

Good News for Farmers Today मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र सरकार ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कृषि ऋण माफी योजना’ की शुरुबात की है, जिसके तहत प्रदेश के 16 लाख से अधिक किसानों का कर्ज माफ किया जाना था। इस योजना के तहत आधार वेरिफिकेशन के बाद 6.22 लाख किसानों की पहली लिस्ट फाइनल की गई और उनके बैंक खातों में ₹5,000 करोड़ से ज़्यादा जमा किए गए। बता दें कि सरकार ने 2019 और 2025 के बीच लोन लेने वाले किसानों की कर्जमाफी की है।

6.22 लाख किसानों की पहली लिस्ट

किसानों की कर्जमाफी को लेकर सीएम फडणवीस ने पत्रकारों से कहा, “पहली लिस्ट में लगभग 16 लाख किसान थे। हमने इसे फील्ड वेरिफिकेशन के लिए भेजा था। आधार वेरिफिकेशन के बाद, लगभग 6.22 लाख किसानों की पहली लिस्ट फाइनल की गई और आज उनके बैंक खातों में ₹5,000 करोड़ से ज़्यादा जमा किए गए हैं।” उन्होंने कहा कि सभी पात्र किसानों को आधार वेरिफिकेशन पूरा होते ही इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा, “हमारी तैयारियां पूरी हैं। अगर हमें एक दिन में वेरिफाइड डेटा मिल जाता है, तो हम एक दिन में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। बस शर्त यह है कि हर किसान आधार वेरिफिकेशन पूरा करे। एक बार ऐसा हो जाने पर, प्रोसेस अपने आप हो जाता है और रकम जमा हो जाती है।”

विपक्ष ने सरकार पर लगाया आरोप

वहीं, दूसरी ओर राज्य में विपक्षी पार्टियां कर्ज माफी योजना को लेकर महायुति सरकार पर निशाना साध रही हैं। उनका आरोप है कि सख्त पात्रता नियमों और तकनीकी शर्तों की वजह से 50% से ज़्यादा परेशान किसान जानबूझकर इस फायदे से वंचित रह जाते हैं।

सरकार पर 5,932 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ

इस ऋण माफी योजना पर राज्य सरकार को करीब 5,932 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और उन्हें कर्ज के बोझ से राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। योजना के लागू होने से छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। सचिवालय में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की। सचिवालय में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों ने 75000 रुपए से अधिक का कर्ज लिया है उन्हें 35000 रुपए की माफी दी जाएगी। यह जानकारी सरकार की तरफ से दिया गया है।

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महाराष्ट्र की कृषि ऋण माफी योजना का नाम क्या है?

योजना का नाम ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कृषि ऋण माफी योजना’ है।

पहली सूची में कितने किसानों को लाभ मिला है?

आधार वेरिफिकेशन के बाद 6.22 लाख किसानों की पहली सूची फाइनल की गई है।

किसानों के खातों में कितनी राशि ट्रांसफर की गई?

सरकार के अनुसार, पहली सूची के किसानों के बैंक खातों में ₹5,000 करोड़ से अधिक जमा किए गए हैं।

किन किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिलेगा?

सरकार के अनुसार, 2019 से 2025 के बीच लिए गए कृषि ऋण से जुड़े पात्र किसानों को योजना का लाभ दिया जाना है। अंतिम पात्रता सरकारी नियमों और सत्यापन पर निर्भर करेगी।

आधार वेरिफिकेशन क्यों जरूरी है?

सरकार के मुताबिक आधार वेरिफिकेशन के बाद पात्र किसानों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है और इसके बाद राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जा रही है।