मुंबई: Good News for Farmers Today आगमी दिनों में हरियाली अमावस्या आने वाली है। हरियाली अमावस्या पर किसान से जुड़े लोग खेती किसानी से जुड़े औजार, हल आदि की पूजा करते हैं। किसानों के लिए ये दिन बेहद अहम माना जाता है। ऐसे में हरियाली के पर्व को किसानों के खास बनाने के लिए सरकार ने बड़ी पहल की है। प्रदेश सरकार ने किसानों के खाते में कर्ज माफी योजना के तहत फंड ट्रांसफर करना शुरू कर दिया है। सरकार ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कृषि ऋण माफी योजना’ के तहत 6.22 लाख किसानों के बैंक खातों में ₹5,000 करोड़ से ज़्यादा रकम जमा की है।
Good News for Farmers Today मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र सरकार ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कृषि ऋण माफी योजना’ की शुरुबात की है, जिसके तहत प्रदेश के 16 लाख से अधिक किसानों का कर्ज माफ किया जाना था। इस योजना के तहत आधार वेरिफिकेशन के बाद 6.22 लाख किसानों की पहली लिस्ट फाइनल की गई और उनके बैंक खातों में ₹5,000 करोड़ से ज़्यादा जमा किए गए। बता दें कि सरकार ने 2019 और 2025 के बीच लोन लेने वाले किसानों की कर्जमाफी की है।
किसानों की कर्जमाफी को लेकर सीएम फडणवीस ने पत्रकारों से कहा, “पहली लिस्ट में लगभग 16 लाख किसान थे। हमने इसे फील्ड वेरिफिकेशन के लिए भेजा था। आधार वेरिफिकेशन के बाद, लगभग 6.22 लाख किसानों की पहली लिस्ट फाइनल की गई और आज उनके बैंक खातों में ₹5,000 करोड़ से ज़्यादा जमा किए गए हैं।” उन्होंने कहा कि सभी पात्र किसानों को आधार वेरिफिकेशन पूरा होते ही इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा, “हमारी तैयारियां पूरी हैं। अगर हमें एक दिन में वेरिफाइड डेटा मिल जाता है, तो हम एक दिन में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। बस शर्त यह है कि हर किसान आधार वेरिफिकेशन पूरा करे। एक बार ऐसा हो जाने पर, प्रोसेस अपने आप हो जाता है और रकम जमा हो जाती है।”
वहीं, दूसरी ओर राज्य में विपक्षी पार्टियां कर्ज माफी योजना को लेकर महायुति सरकार पर निशाना साध रही हैं। उनका आरोप है कि सख्त पात्रता नियमों और तकनीकी शर्तों की वजह से 50% से ज़्यादा परेशान किसान जानबूझकर इस फायदे से वंचित रह जाते हैं।
इस ऋण माफी योजना पर राज्य सरकार को करीब 5,932 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और उन्हें कर्ज के बोझ से राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। योजना के लागू होने से छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। सचिवालय में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की। सचिवालय में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों ने 75000 रुपए से अधिक का कर्ज लिया है उन्हें 35000 रुपए की माफी दी जाएगी। यह जानकारी सरकार की तरफ से दिया गया है।