कुशीनगर (उप्र), 29 अगस्त (भाषा) नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के खड्डा इलाके में गंडक नदी से तीन शव बरामद किए गए हैं। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को खड्डा के मदनपुर-सुकरौली इलाके में बैराज के तीसरे खंभे के पास नदी में तीन शव दिखाई दिए। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और शवों की पहचान कराने के प्रयास शुरू किए।
खड्डा थाना प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि राज्य आपदा मोचक बल (एसडीआरएफ) की निगरानी टीम ने नदी में शवों को तैरते देखा था। इसके बाद उन्हें नदी से बाहर निकाला गया।
उन्होंने बताया कि शवों की पहचान में मदद के लिए नेपाल के सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गई, लेकिन अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है।
पुलिस के अनुसार, गंडक नदी और उसके किनारे बड़ी संख्या में वाहन, घरेलू सामान, गैस सिलेंडर, ड्रम, फर्नीचर और अन्य मलबा बहकर आ रहा है। नदी के किनारे बहकर आए सामान को निकालने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जमा हो रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सामान निकालने के लिए नदी में न उतरें। अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को नदी में कोई सामान या अन्य वस्तु बहती दिखाई दे तो वह तत्काल प्रशासन को इसकी सूचना दे।
कुशीनगर में यह घटनाक्रम पड़ोसी जिले महराजगंज की एक नदी से चार शव बरामद होने के एक दिन बाद सामने आया है। ये शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिले थे और उनकी पहचान नहीं हो सकी थी।
अधिकारियों ने बताया कि वे नेपाल प्रशासन के संपर्क में हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं ये शव उन लोगों के तो नहीं हैं, जो नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद लापता हुए हैं।
बुधवार को रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इससे लोगों की जान जाने के साथ ही बस्तियों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है। इस आपदा में अब तक 626 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 2,000 लोग अब भी लापता हैं।
कुशीनगर प्रशासन ने गंडक नदी और उसके आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। राज्य आपदा मोचन बल, पुलिस और अन्य दल संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रख रहे हैं।
अधिकारियों ने जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए पहले ही नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ा दी थी।
अधिकारियों के अनुसार, अब नदी का बहाव कम होने के साथ बाढ़ का तत्काल खतरा भी टल गया है। हालांकि, प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
भाषा सं आनंद खारी
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