मेरठ (उप्र), 14 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश मेरठ में अज्ञात लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाने और संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन में उनका इस्तेमाल करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
लिसाड़ी गेट थाने के प्रभारी दलबीर सिंह के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरकम और निजामुद्दीन के रूप में हुई है और दोनों मेरठ के कोतवाली क्षेत्र में स्थित अंसार कॉलोनी, गोला कुआं के निवासी हैं।
पुलिस के अनुसार दोनों पर फर्जी जनसेवा केंद्र संचालित करके धोखाधड़ी का आरोप है ।
पुलिस ने बताया कि जनसेवा केंद्रों के निरीक्षण के दौरान पता चला कि आरोपी गरीब और जरूरतमंद लोगों के पहचान संबंधी दस्तावेज हासिल करके फर्जी आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र तथा अन्य दस्तावेज तैयार करते थे।
उन्होंने बताया कि इसके बाद फर्जी मुहरों और दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर उनके नाम पर डेबिट और क्रेडिट कार्ड बनवाए जाते थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपी मोबाइल फोन के माध्यम से विभिन्न ऑनलाइन भुगतान मंचों और वेबसाइटों का उपयोग करके इन खातों में धन का लेनदेन करते थे और इससे अवैध लाभ अर्जित करते थे।
एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, 92 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, 10 बैंक पासबुक, पांच चेक बुक, 139 मतदाता पहचान पत्र, 180 आधार कार्ड, 97 पैन कार्ड और 10 रबर स्टांप एवं सील मोहर बरामद की गई है।
पुलिस ने बताया कि बैंक खातों में से एक खाते के संबंध में असम से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज होने का पता चला है।
इस संबंध में लिसाड़ी गेट थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा आधार अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भाषा सं राजेंद्र जोहेब
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