उप्र एटीएस ने पाकिस्तान, आईएसआई से जुड़े संदिग्ध को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया

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उप्र एटीएस ने पाकिस्तान, आईएसआई से जुड़े संदिग्ध को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया

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  • Publish Date - June 1, 2026 / 08:10 PM IST,
    Updated On - June 1, 2026 / 08:10 PM IST

लखनऊ, एक जून (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने आजमगढ़ से एक कथित संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

एटीएस के एक आधिकारिक बयान के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद शेख पर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई के लिए काम करने का आरोप है।

उसके पास से नौ एमएम पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

एटीएस को सूचना मिल रही थी कि पाकिस्तान, आईएसआई और आतंकी संगठनों के साथ मिलकर शहजाद भट्टी का नेटवर्क भारत में आतंक फैलाने की साजिश रच रहा है।

यह नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को पैसे का लालच देकर और धार्मिक भावनाएं भड़काकर कट्टरपंथी बना रहा था। बयान में कहा गया है कि इन युवाओं को ‘स्लीपर सेल’ के रूप में तैयार करके उन्हें व्यक्तियों और संस्थानों की रेकी, हत्या, राजनीतिक दलों के दफ्तरों तथा सुरक्षा एजेंसियों पर हमला करने के लिए उकसाया जा रहा था।

बयान में कहा गया है कि जांच के दौरान आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर, पोस्ट संजरपुर निवासी मो. शेख अहमद का नाम सामने आया।

बयान के मुताबिक, वह पाकिस्तान और दुबई के नंबरों के जरिये व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़ा था।

बयान में कहा गया है कि शहजाद भट्टी के अलावा उसे अजमल गुर्जर और रजा पाकिस्तानी भी निर्देश दे रहे थे। इसके अलावा वह जिहाद की बातें करता था और दूसरों को भी नेटवर्क में शामिल होने के लिए उकसाता था।

बयान में कहा गया है कि शहजाद भट्टी गैंग के आकाओं ने मोहम्मद शेख को प्रयोग के तौर पर दूसरे राज्य की एक राजनीतिक पार्टी की महिला नेता को धमकाने और उनकी हत्या करने की जिम्मेदारी दी थी।

इसके बाद उसे बड़े मिशन में शामिल करने का वादा किया गया था। आरोपी ने इसके लिए नौ एमएम पिस्टल और चार कारतूस का इंतजाम कर लिया था और हत्या करने की साजिश रच रहा था।

वह आसपास के युवाओं को भी नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहा था।

एटीएस के अनुसार पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर मोहम्मद शेख के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 148 (सरकार के खिलाफ गंभीर अपराधों की साजिश), 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालना), 61(2) (आपराधिक षड़्यंत्र), शस्त्र अधिनियम की धारा 3/25 और विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

उसे रविवार को आजमगढ़ से गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

बयान के अनुसार एटीएस आरोपी से गहन पूछताछ के लिए अदालत से हिरासत में सौंपने का अनुरोध करेगी। इससे भारत में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकेगी।

भाषा आनन्‍द पारुल संतोष

संतोष