उप्र कैडर की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने सेवा से इस्तीफ़ा दिया

उप्र कैडर की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने सेवा से इस्तीफ़ा दिया

उप्र कैडर की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने सेवा से इस्तीफ़ा दिया
Modified Date: August 30, 2026 / 01:48 pm IST
Published Date: August 30, 2026 1:48 pm IST

देवरिया (उप्र), 30 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश कैडर की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी और देवरिया की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया है।

2013 बैच की आईएएस अधिकारी मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट में अपने फैसले की घोषणा की। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, ‘आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए आईएएस से त्यागपत्र दे दिया है।’’

हालांकि, उन्होंने इस्तीफा देने के फैसले के पीछे कोई कारण नहीं बताया। प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपने सफ़र को याद करते हुए मित्तल ने कहा कि वह एक साधारण माहौल में पली-बढ़ीं हैं और एक अच्छा तथा सफल जीवन जीने का सपना देखती थीं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई करने के बाद लंदन में नौकरी की, लेकिन आखिरकार भारत लौट आईं।

उन्होंने लिखा, ‘सब कुछ हासिल करने के बाद भी कुछ अधूरापन महसूस होता था। अपने देश में न होना खलता था।’’

उन्होंने कहा कि उनकी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था, जो उन्हें चुकाना था।

मित्तल ने कहा, ‘मैं वापस लौटी और सौभाग्य से आईएएस अधिकारी बनी।’ अपनी तैनाती के अनुभवों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है, मिर्जापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है।

उन्होंने कहा, ‘‘और मां विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है।’’

मित्तल ने कहा कि अपनी सेवा के दौरान जरूरतमंद परिवारों, दिव्यांगों और किसानों के लिए काम करते हुए उन्हें एहसास हुआ कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक इंसान होता है।

मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली मित्तल के पास आईआईटी दिल्ली से बीटेक की डिग्री और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए की डिग्री है।

उन्होंने लंदन में काम करने के बाद यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए नौकरी छोड़ दी थी।

उन्होंने 2013 में अपने दूसरे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास की, 68 वीं रैंक हासिल की और आईएएस में चयनित हुईं। 2012 में अपने पहले प्रयास में, वह आईपीएस के लिए चुनी गई थीं।

उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के तौर पर तैनात होने से पहले, मित्तल ने संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया में जिलाधिकारी के तौर पर काम किया।

मिर्जापुर की जिलाधिकारी के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, वह तब चर्चा में आईं जब आज़ादी के 75 साल बाद हलिया ब्लॉक के सुदूर पहाड़ी गांव, लहुरियादाह में पहली बार नल से पानी पहुंचाया गया।

देवरिया में उनके कार्यकाल को वहां के लोग सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने की उनकी कोशिशों और कई कड़े प्रशासनिक फ़ैसलों के लिए याद करते हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘हमें अभी तक उनका इस्तीफा नहीं मिला है।’

उन्होंने कहा कि औपचारिक रूप से पत्र मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

भाषा सं आनन्द

रंजन वैभव

वैभव


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