‘उप्र दिवस’ पर सभी राजभवनों और भारतीय दूतावासों में भी हों आयोजन : योगी आदित्यनाथ

'उप्र दिवस' पर सभी राजभवनों और भारतीय दूतावासों में भी हों आयोजन : योगी आदित्यनाथ

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  • Publish Date - January 8, 2026 / 10:41 PM IST,
    Updated On - January 8, 2026 / 10:41 PM IST

लखनऊ, आठ जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश की स्थापना की स्मृति में आयोजित होने वाला उत्तर प्रदेश दिवस (यूपी दिवस)-2026 इस वर्ष और अधिक व्यापक, भव्य एवं वैश्विक स्वरूप में मनाया जाएगा। आगामी 24 से 26 जनवरी तक राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों, देश के सभी राजभवनों और विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावासों में भी कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।

राज्य सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को यहां जारी एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश दिवस-2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के नागरिक वर्तमान में देश-दुनिया के अनेक हिस्सों में अपनी पहचान बना चुके हैं। यूपी दिवस ऐसा अवसर बने, जो प्रवासी उत्तर प्रदेशवासियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े।

उन्होंने निर्देश दिये कि आगामी 24 से 26 जनवरी तक प्रस्तावित तीन दिवसीय समारोह के तहत राजधानी लखनऊ में मुख्य आयोजन के साथ-साथ प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किये जाएं। इसके अलावा सभी राजभवनों में संवाद स्थापित कर उनमें आयोजन सुनिश्चित किए जाएं। इन आयोजनों में प्रदेश सरकार के मंत्रीगण उत्तर प्रदेश के मूल निवासी प्रवासियों से संवाद करेंगे।

मुख्यमंत्री ने दूसरे देशों में भारतीय दूतावासों के माध्यम से भी यूपी दिवस आयोजन के लिए संवाद बनाने के निर्देश दिए और कहा कि यूपी दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना, आर्थिक शक्ति और विकास यात्रा को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का माध्यम भी है।

उन्होंने कहा कि ‘यूपी दिवस’ का मुख्य समारोह लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर होगा। इस दौरान प्रतिष्ठित संगीत घरानों की विशेष प्रस्तुतियां होंगी।

आदित्यनाथ ने जनपद, मंडल और राज्य स्तर पर गायन, नृत्य, वादन और नाट्य प्रतियोगिताओं के आयोजन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान’, ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान’ और ‘माटी कला बोर्ड सम्मान’ प्रदान किए जाएंगे। उद्यमियों, खिलाड़ियों, महिलाओं, चिकित्सकों, वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित कर प्रदेश की प्रतिभा और परिश्रम को सम्मान दिया जाएगा।

उन्होंने इसके साथ ही प्रदेश की ऐतिहासिक और वैचारिक विरासत को जनमानस से जोड़ने के लिए धरती आबा बिरसा मुंडा, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, सरदार वल्लभभाई पटेल, वंदे मातरम्-आनंद मठ और पुण्य श्लोका अहिल्याबाई होल्कर से जुड़े नाट्य मंचनों का आयोजन करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भारतेंदु नाट्य अकादमी द्वारा वंदे मातरम् रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आनंद मठ आधारित विशेष प्रस्तुति की व्यवस्था भी की जाए।

भाषा

सलीम रवि कांत