देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित Ankita Bhandari Case को लेकर एक बार फिर सियासत और जनआक्रोश चरम पर है। प्रदेश में बीते 15–20 दिनों से यह मामला लगातार गरमाया हुआ है। सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर इस हत्याकांड में शामिल वह वीवीआईपी कौन था, जिसका नाम अब तक सामने नहीं आया। Ankita Bhandari Case को लेकर अंकिता भंडारी के माता-पिता ने बुधवार देर शाम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर अपनी बात रखी और न्याय की गुहार लगाई।
Ankita Bhandari Case: माता-पिता की सीबीआई जांच मांग
Ankita Bhandari Case में सीबीआई जांच और वह भी सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में कराने की मांग लगातार तेज होती जा रही है। विपक्षी दलों, आंदोलनकारी संगठनों और आम जनता का कहना है कि जब तक इस मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच नहीं होगी, तब तक सच सामने नहीं आएगा। इस पूरे विवाद की आग उस वक्त और भड़क गई, जब उर्मिला सनावर नाम की महिला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो और ऑडियो पोस्ट किया। महिला ने खुद को भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ की पत्नी बताया और दावा किया कि अंकिता हत्याकांड में बीजेपी का एक बड़ा नेता यानी वीवीआईपी शामिल था।
इन सोशल मीडिया पोस्ट के बाद Ankita Bhandari Case में उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल आ गया। लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार से सीधे सवाल पूछने लगे। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सफाई देते हुए कहा कि सरकार Ankita Bhandari Case में जो भी उचित और कानूनी जांच होगी, वह कराई जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
Ankita Bhandari Case Story: सीएम धामी से देर शाम मुलाकात
बुधवार 7 जनवरी को देर शाम अंकिता भंडारी की मां सोनी भंडारी और पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। करीब शाम 7:30 बजे मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्होंने साफ शब्दों में वीवीआईपी के नाम का खुलासा करने और सीबीआई जांच की मांग रखी। इस मुलाकात को लेकर बाद में एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया।
”हम मां-बाप हैं, हमको औलाद से बढ़कर कुछ नहीं है। हमारी जान भी जाती है तो कोई नहीं”
उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी से मिलने के बाद अंकिता भंडारी की मां सोना देवी का बयान सुनिए… pic.twitter.com/MhUAcJFpKK
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) January 8, 2026
Ankita Bhandari Mother: फूट फूटकर रोईं अंकिता की मां
सीएम धामी से मुलाकात करने के बाद अंकिता की मां का दुख Ankita Bhandari Case में सामने आया। सोनी भंडारी ने भी दर्द भरे शब्दों में कहा कि हमको हमारी औलाद से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि, इसमें हमारी जान जाती है तो भी कुछ नहीं होगा। हमारी बेटी ने बहुत सहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें बदनाम कर रहे हैं, लेकिन अगर वे बिके होते तो इतनी लंबी लड़ाई क्यों लड़ते। उन्होंने कहा कि वे अपनी बेटी और उन सभी बेटियों के लिए न्याय की लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ेंगी, जो घर से बाहर नौकरी करने जाती हैं।
वहीं अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि उन्होंने शुरू से ही यही मांग रखी है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए और सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में हो। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे उन्हें फोन आया, जिसके बाद जिलाधिकारी ने वाहन की व्यवस्था कराई और वे शाम करीब 6:30 बजे देहरादून पहुंचे।
सोशल मीडिया पर चल रही ‘सौदे’ की चर्चाओं को लेकर अंकिता के पिता ने साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी से कोई सौदा नहीं किया है और न ही करेंगे। “मेरी बेटी ने अपनी इज्जत का सौदा नहीं किया, तो मैं कैसे कर सकता हूं,” उन्होंने भावुक होकर कहा। उन्होंने साफ किया कि वे किसी भी कीमत पर वीवीआईपी का नाम सामने लाने और उसे सजा दिलाने की लड़ाई लड़ते रहेंगे।