विधानसभा, पंचायत और नगर निकाय चुनावों की मतदाता संख्या में लाखों का अंतर : सपा प्रमुख

विधानसभा, पंचायत और नगर निकाय चुनावों की मतदाता संख्या में लाखों का अंतर : सपा प्रमुख

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  • Publish Date - January 8, 2026 / 07:20 PM IST,
    Updated On - January 8, 2026 / 07:20 PM IST

लखनऊ, आठ जनवरी (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव, पंचायत और नगर निकाय चुनावों में मतदाताओं की संख्या में लाखों का अंतर होने का आरोप लगाते हुए इस पर स्पष्टीकरण की अपेक्षा की है।

यादव ने बृहस्पतिवार को यहां एक बयान में राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”ये डबल इंजन की सरकार है या डबल ब्लंडर की सरकार। विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या तथा पंचायत और नगर निकाय में मतदाताओं की संख्या में लाखों का अंतर कैसे है? स्पष्टीकरण अपेक्षित है।”

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचन आयोग और अन्य स्रोतों से जो जानकारी आ रही है उसमें उत्तर प्रदेश विधानसभा मतदाता सूची (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद, प्रारूप- 2026) में 12 करोड़ 56 लाख मतदाता हैं और उत्तर प्रदेश पंचायत मतदाता सूची (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण संशोधित अस्थायी-2026) में 12 करोड़ 70 लाख मतदाता हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश नगर निकाय मतदाता सूची (चुनाव वर्ष-2023) लगभग चार करोड़ 32 लाख मतदाता हैं।

उन्होंने सवाल किया, ”अगर यह भी मान लिया जाए कि उत्तर प्रदेश नगर निकाय मतदाता सूची में त्रुटियां हैं और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद इसमें अधिकतम 25 प्रतिशत (लगभग 1.08 करोड़) मतदाताओं की कमी आती है तो सुधार के बाद उत्तर प्रदेश नगर निकाय (यूएलबी) मतदाता सूची में लगभग 3.24 करोड़ मतदाता शेष रहने चाहिए। इस स्थिति में उत्तर प्रदेश पंचायत मतदाता सूची (एसआईआर संशोधित अस्थायी-2026) और यूएलबी मतदाता सूची का कुल योग लगभग 15.80 करोड़ मतदाता होता है।”

सपा प्रमुख ने कहा, ”समाजवादी पार्टी इन आंकड़ों के आधार पर यह प्रश्न उठाती है कि लगभग तीन करोड़ मतदाता कहां गायब हो गये। क्या भारतीय जनता पार्टी के दबाव में निर्वाचन आयोग पिछड़े वर्गों, दलितों, आदिवासियों और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के मताधिकार को सीमित या दबाने का प्रयास कर रहा है?”

भाषा

सलीम रवि कांत