उप्र: विशेष अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

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उप्र: विशेष अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

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  • Publish Date - August 14, 2026 / 06:22 PM IST,
    Updated On - August 14, 2026 / 06:22 PM IST

मैनपुरी, 14 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की एक विशेष अदालत ने एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

शासकीय अधिवक्‍ता शैलेंद्री राजपूत ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पाक्‍सो) अधिनियम अदालत के विशेष न्यायाधीश जहेंद्र पाल सिंह ने 2025 में बेवर थाना इलाके में 11वीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के मामले में आरोपी करण उर्फ आलोक (22) को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई जबकि पर्याप्त सबूत न होने के कारण दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।

उन्‍होंने बताया कि 15 मई, 2025 को छात्रा सुबह कॉलेज के लिए घर से निकली थी और उसी गांव में रहने वाले करण उर्फ आलोक (22) व मोंटी (20) ने उसे अगवा कर उससे दुष्कर्म किया।

अधिकारी ने बताया कि छात्रा के विरोध करने और मदद के लिए शोर मचाने पर आरोपियों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।

उन्होंने बताया कि आरोपियों ने मामले को खुदकुशी दिखाने के लिए शव को कंसेपुर गांव में एक पेड़ से लटका दिया।

राजपूत ने बताया कि मृतका के पिता ने बेवर थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया।

राजपूत ने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद करण उर्फ आलोक को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।

उन्होंने बताया कि सबूतों के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया गया। भाषा सं आनन्द जोहेब जितेंद्र

जितेंद्र