उप्र : राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोप में बिजनौर से दो लोग गिरफ्तार

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उप्र : राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोप में बिजनौर से दो लोग गिरफ्तार

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  • Publish Date - April 24, 2026 / 08:34 PM IST,
    Updated On - April 24, 2026 / 08:34 PM IST

बिजनौर (उप्र), 24 अप्रैल(भाषा) आपत्तिजनक सोशल मीडिया सामग्री और हथियारों के गैरकानूनी इस्तेमाल से जुड़ी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में कथित तौर पर संलिप्त दो लोगों को उत्तर प्रदेश के बिजनौर से गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के मुताबिक यह मामला 23 नवंबर, 2025 को इंस्टाग्राम पर प्रसारित एक वीडियो से संज्ञान में आया, जिसमें आकिब ‘लाइव सत्र’के दौरान अन्य लोगों के साथ हथियार प्रदर्शित करते हुए दिखाई दे रहा था।

बाद में यह वीडियो एक सोशल मीडिया प्रोफाइल पर पोस्ट किया गया।

पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान कई आरोपियों की पहचान की गई। इनमें से उवैद मलिक, जलाल हैदर, समीर उर्फ ​​रूहान और माजुल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि बिजनौर जिले के निवासी जुल्फिकार उर्फ ​​राका और आरिफ मलिक नामक दो और आरोपियों को किरतपुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया गया।

एक अधिकारी ने बताया, ‘‘पूछताछ के दौरान आरिफ ने पुलिस को बताया कि उसने आपराधिक प्रवृत्ति वाले युवाओं का एक समूह बनाया था और बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से आकिब के संपर्क में आया। उसने यह भी दावा किया कि हालिया गिरफ्तारियों के बाद उसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो हटाने को कहा गया था। ’’

अधिकारी ने बताया, ‘‘जुल्फिकार ने पुलिस को बताया कि वह पिछले दो वर्षों से तमिलनाडु में नाई का काम कर रहा था और सोशल मीडिया के माध्यम से आकिब के संपर्क में था।’’

पुलिस के मुताबिक आकिब ऑनलाइन मंचों पर भड़काऊ सामग्री साझा करता था और समुदायों को निशाना बनाने, रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और वाहनों में आग लगाने जैसी गतिविधियों के लिए उकसाता था।

अधिकारियों ने बताया कि आकिब और एक अन्य आरोपी आज़ाद के खिलाफ पहले ही ‘लुकआउट नोटिस’ जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि आजाद इस समय सऊदी अरब में है।

पुलिस ने ये गिरफ्तारियां नांगल पुलिस थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्य) और धारा 61(2)(ए) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत, साथ ही शस्त्र अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज एक मामले के संबंध में की है।

पुलिस ने बताया कि इस मामले की जांच जारी है।

इससे पहले बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने पाकिस्तानी पेशेवर अपराधियों, कट्टरपंथियों और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के कहने पर भारतीय युवाओं को बरगलाने और आतंकवादी गतिविधियां करने के आरोप में नोएडा से दो लोगों को गिरफ्तार किया था।

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों पाकिस्तानी आकाओं के सीधे संपर्क में थे और ‘‘एक विध्वंसक गतिविधि की योजना बना रहे थे’’।

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने यहां बताया कि एटीएस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के कहने पर भारत में इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से युवकों के ‘स्लीपर सेल’ बनाने और आतंकवादी गतिविधियों के लिये उकसाने की कोशिश सम्बन्धी खुफिया सूचना के आधार पर जांच शुरू की थी।

भाषा किशोर जफर धीरज

धीरज