Illegal Foreign Funding in Chhattisgarh || Image- IBC24 News Symbolic File
रायपुर: प्रदेश के नक्सल प्रभावित रहें जिलों में विदेशी साजिश का खुलासा हुआ है। इन इलाकों में बड़े पैमाने पर विदेशी पैसे भेजे जाने के खुलासे ने हर किसी को हैरान कर दिया है। (Illegal Foreign Funding in Chhattisgarh) प्रवर्तन निदेशालय इस पूरे मामले की जाँच में जुटी हुई हैं। ईडी ने ही फॉरेन फंडिंग को लेकर यह चौंकाने वाले खुलासे भी किये है।
जानकारी के मुताबिक़ छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में शुमार रहे धमतरी और बस्तर में किसी अमेरिकी एजेंसी की तरफ से फंडिंग की गई थी। यह रकम करीब साढ़े 6 करोड़ रुपये थी। इस राशि को बस्तर और धमतरी के इलाकों में खपाने की जानकारी सामने आई है।
दरअसल ईडी ने विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में फंडिंग मामले में देशभर में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया था। ईडी ने 18 और 19 अप्रैल को कई राज्यों के 6 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इस छापेमारी के तहत बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मीका मार्क नाम के व्यक्ति को पकड़ा गया था। इस बीच जांच में खुलासा हुआ कि विदेशी बैंक डेबिट कार्ड से भारत में बड़ी मात्रा में कैश निकाला जा रहा था।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि, यह मामला “द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI)” नामक संगठन और उससे जुड़े लोगों से जुड़ा है। जांच में सामने आया हैं कि, यह संगठन ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार के लिए काम करता है। (Illegal Foreign Funding in Chhattisgarh) बहरहाल विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल कहां और कैसे हुआ इसकी जांच में प्रवर्तन निदेशालय जुटा हुआ है।
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