उप्र: पत्नी ने बेटी और उसके प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की

Ads

उप्र: पत्नी ने बेटी और उसके प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की

  •  
  • Publish Date - August 8, 2026 / 06:05 PM IST,
    Updated On - August 8, 2026 / 06:05 PM IST

मथुरा, आठ अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक महिला ने अपने पति को दूध में कथित तौर पर नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश करने के बाद पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, इस वारदात में महिला की बेटी और उसके कथित प्रेमी ने भी उसका साथ दिया।

पुलिस ने बताया कि हालांकि तीन दिन से लगातार तलाश के बावजूद शव बरामद नहीं हो सका है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि तीनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर बृहस्पतिवार रात से लगातार शव की तलाश की जा रही है।

उन्होंने बताया कि अक्रूर गांव के जंगल और यमुना नदी के किनारे तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

गोविंद नगर थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अजय वर्मा ने बताया कि राधा-कृष्ण वाटिका, जयसिंहपुरा निवासी रामबाबू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके छोटे भाई मनोज सोनी (42) की पत्नी नैना ने अपनी छोटी बेटी भक्ति और उसके कथित प्रेमी विमल चौधरी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि मनोज के शव को यमुना किनारे अक्रूर गांव के जंगल में जलाकर उसके अवशेष दफना दिए गए।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा बताए गए स्थान पर नदी का पानी पहुंच जाने और बारिश के कारण पहचान के निशान मिट जाने से शव की तलाश में परेशानी हो रही है।

रामबाबू ने आरोप लगाया कि मनोज ने अपनी छोटी बेटी को उसके कथित प्रेमी के साथ देख लिया था और दोनों की नजदीकी का विरोध करता था, इसी कारण उसकी पत्नी, बेटी और उसके कथित प्रेमी ने कथित तौर पर साजिश रचकर उनके भाई की हत्या कर दी।

पुलिस ने एसएसपी के निर्देश पर 11 जुलाई को मामला दर्ज कर आरोपी पत्नी, बेटी और उसके कथित प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के बयानों के आधार पर पिछले तीन दिनों से जंगल में विभिन्न स्थानों पर खुदाई कर शव की तलाश की जा रही है लेकिन बारिश के कारण सही स्थान का पता लगाने में दिक्कत हो रही है।

पुलिस ने बताया कि मनोज के घर से यमुना किनारे तक करीब छह किलोमीटर के दायरे में तलाश की जा रही है और शव बरामद होने के बाद ही घटना की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

भाषा सं आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र