उप्र : राम गंगा में समाया प्राचीन मंदिर, किच्छा नदी बहा ले गयी पानी की टंकी
उप्र : राम गंगा में समाया प्राचीन मंदिर, किच्छा नदी बहा ले गयी पानी की टंकी
बरेली (उप्र), 10 सितंबर (भाषा) बरेली में रामगंगा नदी के हो रहे तेज कटान के चलते मीरगंज तहसील के कपूरपुर गांव में स्थित एक प्राचीन मंदिर नदी में समा गया।
इसके अलावा शेरगढ़ विकास खंड में करीब चार करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पानी की टंकी ध्वस्त हो कर मंगलवार सुबह किच्छा नदी में समा गयी।
ग्रामीणों के मुताबिक कपूरपुर गांव के मंदिर के अलावा आसपास के खेत और आबादी को भी कटान का खतरा बना हुआ है। उधर, शीशगढ़ विकास खंड के बुजुर्ग गांव में बनी पानी की टंकी भी भाखड़ा नदी की कटान की जद में आ गयी है और वह किसी भी दिन गिर सकती है।
उनके अनुसार रामगंगा नदी में हो रहा कटान लगातार मंदिर की ओर बढ़ रहा था। उन्होंने बताया कि प्रशासन और ग्रामीणों ने मंदिर को बचाने के प्रयास किये लेकिन नदी के तेज बहाव के कारण सुरक्षा इंतजाम कारगर नहीं हो सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान रोकने के लिए स्थायी इंतजाम कराने की मांग की है।
उधर, शेरगढ़ विकासखंड के बैरमनगर इलाके में करीब चार करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पानी की टंकी मंगलवार सुबह किच्छा नदी में समा गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक नदी में तेज बहाव के कारण कटान बढ़ने से टंकी हिलने लगी और देखते ही देखते ढहकर नदी में गिर गयी।
जानकारी के मुताबिक जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2023 से बनायी जा रही इस टंकी की चारदीवारी चार दिन पहले ही बह गई थी। इसके बाद सूचना मिलने पर उप जिलाधिकारी निधि शुक्ला मौके पर पहुंचीं और अधिकारियों तथा ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली।
शुक्ला ने बताया कि कटान से प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और संबंधित विभागों और राजस्व टीम को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कटान से प्रभावित स्थानों पर बचाव कार्य भी कराया जा रहा है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक शेरगढ़ में टंकी ढहने की घटना की जांच के लिए जिला प्रशासन ने चार सदस्यीय समिति गठित की है। उन्होंने बताया कि अपर जिलाधिकारी पूर्णिमा सिंह की अगुवाई में गठित यह समिति एक सप्ताह में स्थलीय निरीक्षण कर सभी बिंदुओं की जांच करते हुए जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी और कार्यदायी संस्था को चिह्नित कर रिपोर्ट देगी।
भाषा सं. सलीम मनीषा
मनीषा

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