UP College Dress Code: विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भी लागू होगा ड्रेस कोड! हर दिन इस तरह के कपड़ों में दिखेंगे छात्र, जानिए क्यों लिया गया बड़ा फैसला?
विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भी लागू होगा ड्रेस कोड! हर दिन इस तरह के कपड़ों में दिखेंगे छात्र, Uttar Pradesh College Dress Code
UP College Dress Code. Image Source- IBC24
लखनऊ: UP College Dress Code उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बृहस्पतिवार को उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुशासन, कौशल आधारित शिक्षा और गुणवत्ता सुधार पर जोर देते हुए राज्य के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए पोशाक व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिये। एक बयान के अनुसार, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को जन भवन में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया से संबद्ध शासकीय एवं वित्तपोषित महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक एवं प्रस्तुतीकरण संपन्न हुआ। बैठक में विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों की शैक्षणिक, प्रशासनिक, आधारभूत एवं छात्र हित संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
UP College Dress Code राज्यपाल, राज्य सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति भी हैं। उन्होंने सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए पोशाक व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिये। उन्होंने छात्राओं को रोजगारपरक एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रारंभ करने पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से ब्यूटीशियन, मेहंदी, बिंदी निर्माण, अकाउंटेंसी तथा मोटे अनाज आधारित व्यंजन बनाने जैसे पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के निर्देश दिए, ताकि छात्राएं स्वरोजगार प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि अन्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में संचालित सफल कार्यक्रमों से प्रेरणा एवं मार्गदर्शन लेकर इन पाठ्यक्रमों को व्यापक रूप से लागू किया जाए।
राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी भूमि पर जैविक खेती करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि वे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें तथा स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकें। उन्होंने शिक्षकों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि किसी भी शिक्षक को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जो शिक्षण के पेशे की गरिमा को नुकसान पहुंचाता हो। उन्होंने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को ऐसी समितियां गठित करने का भी निर्देश दिया, जिनके समक्ष छात्र-छात्राएं खुलकर अपनी शिकायतें उठा सकें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित हो। उन्होंने शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने और शिक्षकों की कमी वाले शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन माध्यम से पठन-पाठन के निर्देश दिये।
राज्यपाल ने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक विद्यालयों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और महाविद्यालयों सहित जहां कहीं भी पेयजल की समस्या हो, वहां स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन महाविद्यालयों का बुनियादी ढांचा संतोषजनक नहीं है, वहां गुणवत्ता सुधार के लिए गुजरात की तर्ज पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अपनाया जाए। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से ‘ज्ञान भारतम् अभियान’ के अंतर्गत पांडुलिपियों, भोजपत्रों एवं दुर्लभ पुस्तकों के डिजिटाइजेशन एवं संरक्षण का कार्य किया जा रहा है, जिसके लिए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी को नोडल संस्थान बनाया गया है। उन्होंने निर्देश दिया कि महाविद्यालयों में उपलब्ध पांडुलिपि, भोजपत्र या दुर्लभ पुस्तकों का पंजीकरण कराया जाए, ताकि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, संस्कृति एवं विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिले और पूरी दुनिया भारतीय ज्ञान संपदा से अवगत हो सके।
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