उप्रः राज्यपाल ने युवाओं को दिलाई “नशा मुक्त भारत” की शपथ, समाज में जनजागरूकता लाने का किया आह्वान

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उप्रः राज्यपाल ने युवाओं को दिलाई “नशा मुक्त भारत” की शपथ, समाज में जनजागरूकता लाने का किया आह्वान

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  • Publish Date - August 2, 2026 / 09:51 PM IST,
    Updated On - August 2, 2026 / 09:51 PM IST

लखनऊ, दो अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को विद्यार्थियों और युवाओं को “नशा मुक्त भारत” के निर्माण का संकल्प दिलाया। लोकभवन द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से “नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान” की शुरुआत की।

इस कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय से डिजिटल माध्यम से शामिल हुईं।

कार्यक्रम में देशभर के करीब 28 हजार स्थानों से ढाई करोड़ से अधिक युवाओं ने भाग लिया और नशा मुक्त भारत का संकल्प दोहराया।

राज्यपाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल स्वयं नशे से दूर रहने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने परिवार, मित्रों और समाज के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।

आनंदीबेन ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा हो तो उसे प्रेरित करें, उसका मनोबल बढ़ाएं और उसे नशा मुक्त जीवन की ओर बढ़ने में सहयोग दें।

उन्होंने बाराबंकी जिले के चैनपुरवा गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि कभी यह गांव अवैध शराब निर्माण के लिए जाना जाता था।

राज्यपाल ने कहा कि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद चतुर्वेदी के नेतृत्व में चैनपुरवा फाउंडेशन के माध्यम से पहल शुरू की गई, जिसका उद्देश्य अवैध गतिविधियों को रोकने के साथ-साथ महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना था।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा के लिए कठिन परिश्रम और त्याग करते हैं इसलिए युवाओं को नशे जैसी बुराई से दूर रहकर उनके विश्वास को बनाए रखना चाहिए।

प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं के स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य के लिए “नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान” शुरू किया है।

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने कहा कि विश्वविद्यालय नशा मुक्ति के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

भाषा आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र