लखनऊ, नौ फरवरी (भाषा) कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने सोमवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के अभिभाषण को योगी आदित्यनाथ सरकार के झूठ और मिथ्या वादों का पुलिंदा बताया।
मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा,‘‘राज्यपाल ने पूरा अभिभाषण नहीं पढ़ा, बल्कि सिर्फ कुछ अंश पढ़े। यह इस बात का सुबूत है कि राज्यपाल सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झूठ और वादों को बार-बार दोहरा नहीं पाईं। इस 55 पन्नों के अभिभाषण में ज़्यादातर बातें और वादे भाजपा के झूठे दावे साबित हुए हैं। राज्यपाल काफी समय से उत्तर प्रदेश में पदस्थ हैं और उन्होंने भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और धोखे भरे प्रचार को देखा है। इसीलिए उन्होंने औपचारिकता पूरी करने के लिए अभिभाषण के कुछ अंश ही पढ़े।’’
उन्होंने यह भी कहा कि अभिभाषण में ऐसा कुछ भी नया नहीं था जिसे भाजपा सरकार की उपलब्धि माना जा सके।
मिश्रा ने कहा कि कानून-व्यवस्था को लेकर किए गए दावे झूठे हैं, राज्य में जाति और धर्म के आधार पर कार्रवाई की जा रही है, अपराध बढ़ गया है, भ्रष्टाचार 10 गुना बढ़ गया है और पुलिस विभाग में लाखों पद खाली होने के बावजूद सरकार भर्ती नहीं कर रही है बल्कि अपनी ही तारीफों के पुल बांध रही है।
कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि सरकारी नौकरियां उपलब्ध होने के बावजूद सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे रही है, इसके बजाय ‘आउटसोर्सिंग’ का सहारा ले रही हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह सरकार राज्य के युवाओं के जीवन और भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
मिश्रा ने यह भी कहा कि सच तो यह है कि अभिभाषण भाजपा सरकार की तारीफों का पुलिंदा और जनता से किए गए झूठे वादों का संग्रह था जिसे राज्यपाल अच्छी तरह समझती थीं, इसीलिए उन्होंने पूरा अभिभाषण नहीं पढ़ा बल्कि औपचारिकता पूरी करने के लिए कुछ हिस्से ही पढ़े।
उन्होंने कहा, ”राज्य की जनता भाजपा सरकार के झूठ से तंग आ चुकी है। अब तो बच्चे भी भाजपा की खोखली बातों को समझते हैं। अब 2027 में भाजपा की विदाई तय है।”
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से हुई। राज्यपाल ने अभिभाषण में कहा कि उत्तर प्रदेश ने खुद को विकास वाले राज्य में तब्दील कर लिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार समस्याओं को उनके तार्किक समाधान तक पहुंचाने में विश्वास रखती है।
अभिभाषण के दौरान मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने विधानसभा के अंदर और बाहर विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
भाषा सं. सलीम राजकुमार
राजकुमार