नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) नीति आयोग के एक अध्ययन में सोमवार को कहा गया कि भारत को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने और 2070 तक ‘शुद्ध शून्य’ उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने के लिए कुल 22.7 लाख करोड़ डॉलर के निवेश की आवश्यकता होगी।
‘विकसित भारत और शुद्ध शून्य की ओर परिदृश्य : एक अवलोकन’ शीर्षक वाली नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, इस कुल आवश्यकता का वार्षिक औसत लगभग 500 अरब डॉलर है। इसकी तुलना में 2024 में वास्तविक वार्षिक निवेश लगभग 135 अरब डॉलर रहा, जिसमें से केवल 70-80 अरब डॉलर ही इस समय स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में जा रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया कि कुल राशि में से लगभग आठ लाख करोड़ डॉलर का निवेश 2050 तक पहले करना होगा, जिसमें बिजली क्षेत्र में लगभग पांच लाख करोड़ डॉलर का निवेश शामिल हैं।
अध्ययन के अनुसार, घरेलू और बाहरी सुधारों के साथ भारत 2070 तक अपने शुद्ध शून्य लक्ष्य के लिए लगभग 16.2 लाख करोड़ डॉलर जुटा सकता है। घरेलू स्तर पर इसके लिए कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार को मजबूत करने, घरेलू बचत के वित्तीयकरण को बढ़ाने और संस्थागत निवेशकों को नए क्षेत्रों में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है।
बाहरी स्तर पर, एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) और एफपीआई (विदेशी पोर्टफोलियो निवेश) की भागीदारी बढ़ाने से विदेशी पूंजी का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित होगा।
भाषा पाण्डेय अजय
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