(शिरीष बी प्रधान)
काठमांडू, नौ फरवरी (भाषा) नेपाल सरकार ने पिछले साल ‘जेन-जेड’ विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘अत्यधिक बल प्रयोग’ की जांच के लिए गठित आयोग का कार्यकाल सोमवार को 25 दिनों के लिए और बढ़ा दिया।
यह तीसरी बार है जब जांच आयोग की समय सीमा बढ़ाई गई है।
आयोग के प्रवक्ता एवं सदस्य विज्ञान राज शर्मा ने कहा कि मंत्रिपरिषद की एक बैठक में समय सीमा 11 मार्च तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। आयोग का कार्यकाल बुधवार (11 फरवरी) को समाप्त हो रहा था।
पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की के नेतृत्व में तीन-सदस्यीय जांच आयोग का गठन पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की अंतरिम सरकार द्वारा युवाओं के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के दौरान अत्यधिक बल के उपयोग और अधिकारों के उल्लंघन के आरोपों की जांच के लिए किया गया था।
इसमें पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (एआईजीपी) शर्मा और कानूनी विशेषज्ञ बिश्वेश्वर भंडारी सदस्य के रूप में शामिल हैं।
भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व में आठ और नौ सितंबर को जेन-जेड का विरोध प्रदर्शन हिंसा में बदल गया, जिसके कारण अपदस्थ प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गठबंधन सरकार को सत्ता से बाहर होना पड़ा।
दो-दिवसीय जेन जेड विरोध प्रदर्शन के दौरान कम से कम 77 लोग मारे गए थे। उनमें से 22 लोग विरोध प्रदर्शन के पहले दिन ही मारे गए थे।
जांच आयोग का कार्यकाल तीसरी बार बढ़ाया गया, क्योंकि रिपोर्ट तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता थी।
आयोग ने जेन-जेड आंदोलन के दमन के संबंध में ओली और तत्कालीन गृह मंत्री रमेश लेखक सहित लगभग 170 लोगों के लिखित और रिकॉर्ड किए गए स्पष्टीकरण लिये हैं।
भाषा तान्या सुरेश
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