उप्र: सरकारी जमीन पर बनी अवैध मस्जिद और मदरसे पर चला बुलडोजर, भारी पुलिस बल तैनात
उप्र: सरकारी जमीन पर बनी अवैध मस्जिद और मदरसे पर चला बुलडोजर, भारी पुलिस बल तैनात
संभल, 17 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के संभल जिले के मुबारकपुर बंद गांव में सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध मदरसे व मस्जिद को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया और इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर जिलाधिकारी (डीएम) राजेंद्र पेंसिया और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई भी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी पेंसिया ने बताया कि मुबारकपुर बंद गांव में ग्राम प्रधान ने तीन महीने पहले शिकायत की थी, जिसके बाद तहसीलदार अदालत में मामले की सुनवाई हुई और सुनवाई के बाद 30 दिन का अपील का समय दिया गया।
उन्होंने बताया कि यहां दो अवैध ढांचे थे और गांव के लोगों ने कहा था कि वे स्वयं हटा लेंगे लेकिन पूरा ढांचा नहीं हटा पाए।
अधिकारी ने बताया कि इसके बाद प्रशासन से कार्रवाई का अनुरोध किया गया।
उन्होंने बताया कि यहां खेल के मैदान व खाद के गड्ढे की करीब 600 वर्गमीटर आरक्षित भूमि पर कब्जा था।
नायब तहसीलदार बबलू कुमार ने बताया कि गाटा संख्या 623 और 630 सरकारी जमीन है, जो राजस्व अभिलेखों में खेल का मैदान और खाद के गड्ढे के रूप में दर्ज है।
उन्होंने बताया कि इसी पर अवैध रूप से मस्जिद और मदरसा बना था।
कुमार ने बताया कि पहले नोटिस दिया गया था और तहसीलदार अदालत ने धारा 67 के तहत निर्णय दिया था।
उन्होंने बताया कि गांव वालों के अनुरोध पर बृहस्पतिवार को बुलडोजर और जेसीबी से अवैध कब्जा हटवाया गया।
अधिकारी ने बताया कि जिले में भूमि बैंक बनाने की कार्रवाई जारी है और आरक्षित व सरकारी भूमि पर जहां भी कब्जे हैं, उन्हें हटवाया जा रहा है।
वहीं पुलिस अधीक्षक बिश्नोई ने बताया कि शासन के निर्देश पर हर गांव में भूमि बैंक बनाने के लिए पिछले छह महीने में जिलाधिकारी के साथ मिलकर अध्ययन कराया गया।
उन्होंने बताया कि पुलिस सुरक्षा और लेखपालों के साथ हर गांव में सरकारी जमीन पर कब्जों की सूची बनाई गई है।
अधिकारी ने बताया कि अब तक करीब सवा सौ हेक्टेयर जमीन कब्जा मुक्त कराई जा चुकी है और मुक्त कराई गई जमीन को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत आवंटित भी किया गया है, जिसमें पुलिस विभाग बड़ा लाभार्थी रहा है।
उन्होंने बताया कि कई बेशकीमती जमीनों को भी अगले सप्ताह मुक्त कराने की योजना है और हर गांव में भू-माफियाओं की सूची बनाकर उन्हें भू-माफिया पोर्टल पर डाला जाएगा।
अधिकारी ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा, चाहे जितना भी पुराना हो, उसे ध्वस्त कराया जाएगा और ध्वस्तीकरण का खर्च भी कब्जेदार से वसूला जाएगा।
उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह होने वाला अभियान उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत चलाया जाएगा।
भाषा सं आनन्द जितेंद्र
जितेंद्र

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