मैनपुरी, एक मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में एक दंपति की हत्या के 20 साल पुराने एक मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर क्षेत्र) अरुण कुमार सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यह मामला छह अगस्त 2005 की शाम को बेवर थाना क्षेत्र के नवीगंज गांव में कौशल (56) और उसकी पत्नी कृष्णा देवी (50) की हत्या से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने बताया कि मामले के मुख्य अभियुक्त अनुपम दुबे ने अपने भाई डब्बन उर्फ अनुराग दुबे तथा चार अन्य साथियों की मदद से कथित तौर पर अपने चाचा कौशल और चाची कृष्णा देवी को कुल 16 गोलियां मारीं थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
सिंह ने बताया कि मृतक दंपति की बेटी राधिका दुबे ने उसी रात बेवर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें अनुपम दुबे, डब्बन उर्फ अनुराग दुबे और चार अन्य को आरोपी बनाया गया था।
उन्होंने बताया कि शुरू में मामले की जांच बेवर पुलिस ने की थी, लेकिन बाद में शिकायतकर्ता की जांच एजेंसी बदलने की अर्जी पर आगरा के तत्कालीन पुलिस उपमहानिरीक्षक ने इसे एटा में पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दिया था।
सिंह ने बताया कि जांच अधिकारी ने पांच फरवरी 2006 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुबूतों की कमी का हवाला देते हुए अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने पिछले साल अगस्त में पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा से मुलाकात कर उन्हें एक अर्जी दी और मामले की नये सिरे से जांच की मांग की।
सिंह ने कहा कि अर्जी पर कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक ने बेवर थाने के निरीक्षक को मामले की फिर से जांच करने का निर्देश दिया।
पुलिस निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि वह अदालत से पहले की जांच से जुड़े दस्तावेज इकट्ठा कर रहे हैं और जल्द ही नये सिरे से सुबूत एकत्र करना शुरू करेंगे।
पुलिस ने बताया कि अनुपम दुबे अभी मथुरा जेल में बंद है और वह 1990 के दशक में नवीगंज पुलिस चौकी प्रभारी राम निवास यादव की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
भाषा
सं, सलीम रवि कांत