परभणी (महाराष्ट्र), 21 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के परभणी में एक गैर-सरकारी संगठन ने एचआईवी संक्रमित दो गर्भवती महिलाओं के लिए पारंपरिक ‘गोद भराई’ समारोह का आयोजन किया। यह सामाजिक रूप से एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से मातृत्व को सम्मान दिया गया।
एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम वायरस) एक वायरस है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर हमला करता है।
संगठन के एक प्रतिनिधि ने सोमवार को बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन पिछले हफ्ते किया गया था जिसका उद्देश्य एचआईवी से जुड़े मिथकों को दूर करना था। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि उचित चिकित्सा देखभाल मिलने पर, एचआईवी संक्रमित माताओं से जन्मे बच्चे भी स्वस्थ और एचआईवी मुक्त हो सकते हैं।
इन दोनों महिलाओं का विवाह ‘होम्योपैथिक एकेडमी ऑफ रिसर्च एंड चैरिटीज’ के सहयोग से हुआ था। समारोह के दौरान उन्हें उपहार और रोजमर्रा की जरूरत का सामान दिया गया।
प्रतिनिधि ने बताया कि इस मौके पर ‘कली उमलताना’ नामक नाटक का मंचन भी किया गया, जिसे एक सांस्कृतिक समूह द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति में महिलाओं के स्वास्थ्य, मातृत्व, मानवता, समावेश तथा सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेश दिए गए।
भाषा प्रचेता वैभव
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