उप्र : तीन चरणों में होगा नकटिया नदी का पुनरुद्धार, नाम बदलकर ‘नाथ गंगा’ करने पर भी विचार

उप्र : तीन चरणों में होगा नकटिया नदी का पुनरुद्धार, नाम बदलकर ‘नाथ गंगा’ करने पर भी विचार

उप्र : तीन चरणों में होगा नकटिया नदी का पुनरुद्धार, नाम बदलकर ‘नाथ गंगा’ करने पर भी विचार
Modified Date: September 4, 2026 / 06:50 pm IST
Published Date: September 4, 2026 6:50 pm IST

बरेली (उप्र), चार सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के बरेली में स्थित नकटिया नदी को वैज्ञानिक मानचित्रण, प्रदूषण नियंत्रण और पारिस्थितिकी संरक्षण से जुड़ी तीन चरण की परियोजना के तहत पुनर्जीवित किया जाएगा, और इसका नाम बदलकर ‘नाथ गंगा’ करने पर भी विचार किया जा रहा है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

नदी के पुनरुद्धार एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए वैज्ञानिक, व्यवस्थित और समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार को मेयर उमेश गौतम की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय बैठक हुई। इसमें नदी के पुनर्जीवन की योजना तीन चरणों में पूरी करने का निर्णय लिया गया।

पहले चरण में नदी और उससे जुड़े क्षेत्रों की वैज्ञानिक मैपिंग तथा बेसलाइन सर्वे होगा। इसमें कैचमेंट एरिया, ड्रेनेज नेटवर्क, जल प्रवाह, प्रदूषण के स्रोत, डिस्चार्ज प्वाइंट, अतिक्रमण, जल गुणवत्ता और मौजूदा जल संरचनाओं का अध्ययन किया जाएगा।

दूसरे चरण में सर्वेक्षण के आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होगी, जिसमें जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, नालों के उपचार, ग्रीन बफर और जैव विविधता संरक्षण को शामिल किया जाएगा। परियोजना को नमामि गंगे कार्यक्रम में शामिल कराने की संभावनाओं पर भी विचार होगा।

तीसरे चरण में स्वीकृत डीपीआर के आधार पर कार्यों को चरणबद्ध और समन्वित तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा। आवश्यक तकनीकी एवं वित्तीय संसाधन उपलब्ध होने के बाद चिन्हित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

महापौर ने कहा कि नकटिया नदी का पुनर्जीवन पर्यावरण संरक्षण के साथ जल सुरक्षा, स्वच्छता और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने संबंधित विभागों से समन्वय के साथ मिशन मोड में काम करने का आह्वान किया।

बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, कैंटोनमेंट बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन तथा जल शक्ति मंत्रालय, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स, पीडब्ल्यूडी, वन विभाग, बाढ़ खंड और जल निगम के अधिकारी मौजूद रहीं।

भाषा सं जफर संतोष रंजन

रंजन


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