उत्तर प्रदेश की नौकरशाही अब नहीं है ‘नीतिगत पंगुता’ की शिकार : योगी आदित्यनाथ

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उत्तर प्रदेश की नौकरशाही अब नहीं है ‘नीतिगत पंगुता’ की शिकार : योगी आदित्यनाथ

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  • Publish Date - July 3, 2026 / 05:57 PM IST,
    Updated On - July 3, 2026 / 05:57 PM IST

लखनऊ, तीन जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि यहां नौकरशाही अब नीतिगत पंगुता की शिकार नहीं है, बल्कि पूरी तेजी के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दौड़ने को तैयार है।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां 22 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के 464 करोड़ रुपये से अधिक लागत से निर्मित अत्याधुनिक नवीन परिसर का लोकार्पण करने के उपरांत प्रशासनिक अधिकारियों और प्रशिक्षुओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भवन का उद्घाटन किया और परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की आधारशिला उत्तर प्रदेश बनेगा और इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक गांव, कस्बे और वार्ड को आत्मनिर्भर बनाना होगा।

उन्होंने कहा, “राजनीतिक नेतृत्व केवल विजन दे सकता है, लेकिन उसे धरातल पर उतारने की पूरी ताकत प्रशासनिक मशीनरी के पास होती है। इसलिए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सकारात्मक कार्यसंस्कृति बेहद जरूरी है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अकादमी को भारत के अग्रणी ‘स्कूल ऑफ पब्लिक लीडरशिप’ के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ज्ञान से विकास, विकास से जनविश्वास और जनविश्वास से राष्ट्रनिर्माण की संकल्पना को साकार करने में यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा इसी उद्देश्य से आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस अकादमी का निर्माण कराया गया है।

उन्होंने कहा कि ‘एकला चलो’ की सोच या टीम को कमजोर करने की मानसिकता से अच्छे परिणाम नहीं मिल सकते क्योंकि टीमवर्क, सकारात्मक सोच और नवाचार ही सफलता का आधार हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार सीखते रहने, तकनीक आधारित सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और नवाचार को अपनाने की आवश्यकता है।

उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले दो-तीन दशकों तक उत्तर प्रदेश की छवि बेहद नकारात्मक हो गई थी क्योंकि लोग मानने लगे थे कि देश की कोई भी योजना उत्तर प्रदेश में सफल नहीं हो सकती।

उन्होंने कहा कि इसके लिए केवल प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व भी जिम्मेदार था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी नई पहचान बनाई है, आज प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना चुका है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुरक्षा, सुशासन, भीड़ प्रबंधन, प्रौद्योगिकी आधारित सुधार और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, अब यहां किसी के सामने पहचान का संकट नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों ने आमजन के जीवन में बड़ा बदलाव किया है।

बयान के अनुसार इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव एसपी गोयल, पूर्व मुख्य सचिव आर. रमणी, अतुल गुप्ता, आलोक रंजन, अनूप चंद्र पांडेय, दुर्गा शंकर मिश्र, मनोज कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में प्रदेश के सेवारत एवं सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी और प्रशिक्षु अधिकारी मौजूद रहे।

भाषा आनन्द

राजकुमार

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