महापुरुषों की प्रतिमाएं हैं राष्ट्र की चेतना एवं सांस्कृतिक अस्मिता की प्रतीक :जयवीर सिंह

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महापुरुषों की प्रतिमाएं हैं राष्ट्र की चेतना एवं सांस्कृतिक अस्मिता की प्रतीक :जयवीर सिंह

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  • Publish Date - July 3, 2026 / 05:25 PM IST,
    Updated On - July 3, 2026 / 05:25 PM IST

लखनऊ, तीन जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी राष्ट्र की पहचान उसके महापुरुषों, उसके इतिहास और उसकी संस्कृति से होती है।

उन्होंने एक बयान में कहा कि प्रतिमाएं केवल कला का उत्कृष्ट उदाहरण नहीं होतीं, बल्कि वे राष्ट्र की सामूहिक स्मृति और सांस्कृतिक चेतना की जीवंत प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित ये प्रतिमाएं नई पीढ़ी को निरंतर यह संदेश देती हैं कि महान व्यक्तित्वों ने अपने जीवन से राष्ट्र और समाज के लिए किन आदर्शों की स्थापना की।

उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में विभिन्न जनपदों में लगभग 43 महापुरुषों, राष्ट्रनायकों एवं संत-महात्माओं की प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं तथा अन्य प्रतिमाओं को लगाने का काम तेजी से चल रहा है।

मंत्री ने बताया कि वीरता और स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप की साढ़े बारह फीट ऊंची अश्वारोही कांस्य प्रतिमाएं एटा, बलिया, फिरोजाबाद तथा सिरसागंज (मैनपुरी) समेत विभिन्न स्थानों पर स्थापित की जा चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि वाराणसी एवं मुरादाबाद में उनकी प्रतिमाएं स्थापना के लिए तैयार हैं, जबकि देवलास (मऊ) एवं बाराबंकी में उनका निर्माण कार्य चल रहा है।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार सम्राट पृथ्वीराज चौहान, छत्रपति शिवाजी महाराज तथा रानी लक्ष्मीबाई की साढ़े बारह फीट ऊंची अश्वारोही कांस्य प्रतिमाओं की स्थापना भी विभिन्न जनपदों में की जा रही है।

मंत्री ने कहा कि लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 65-65 फीट ऊंची भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो राष्ट्रवाद, सुशासन और लोकसेवा के आदर्शों का संदेश देती हैं।

उन्होंने कहा कि प्रयागराज में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा मैनपुरी में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं भी स्थापित की जा चुकी हैं।

जयवीर सिंह ने बताया कि प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर धाम में भगवान श्रीराम एवं निषादराज के ऐतिहासिक मिलन को दर्शाती 51 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जो भारतीय संस्कृति में सामाजिक समरसता, समानता और आत्मीयता के शाश्वत संदेश का प्रतीक होगी।

भाषा आनन्द राजकुमार

राजकुमार