Valentine Day Special Gift: वैलेंटाइन डे पर पत्नियों का बड़ा फैसला, पतियों के लिए दान किया शरीर का ये अंग, दिया प्यार का सबसे बड़ा सबूत

Valentine Day Special Gift: वैलेंटाइन डे पर पत्नियों का बड़ा फैसला, पतियों के लिए दान किया शरीर का ये अंग, दिया प्यार का सबसे बड़ा सबूत

Valentine Day Special Gift: वैलेंटाइन डे पर पत्नियों का बड़ा फैसला, पतियों के लिए दान किया शरीर का ये अंग, दिया प्यार का सबसे बड़ा सबूत

Valentine Day Special Gift Wife Husband/Image Source: Symbolic

Modified Date: February 15, 2026 / 07:50 am IST
Published Date: February 15, 2026 7:47 am IST
HIGHLIGHTS
  • वैलेंटाइन डे पर दो महिलाओं का अनोखा गिफ्ट
  • लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे दोनों मरीज
  • परिवार में डोनर नहीं मिला, पत्नियां बनीं जीवनदाता

Valentine Day Special Gift:  वैलेंटाइन डे पर जहां दुनिया भर में लोग फूल, चॉकलेट और उपहारों के जरिए अपने प्रेम का इजहार करते हैं, वहीं नोएडा से प्रेम, त्याग और समर्पण की एक भावुक कर देने वाली सच्ची कहानी सामने आई है। सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल नोएडा में दो महिलाओं ने अपने-अपने पतियों को किडनी दान कर उन्हें नई जिंदगी दी। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक दोनों किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं और दोनों मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है। उन्हें आईसीयू में विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है।

लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे दोनों मरीज (Wife donate kidney to husband)

Noida Kidney Transplant News: 57 वर्षीय जयपाल कई वर्षों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। पहले उन्हें लीवर संबंधी बीमारी के कारण ट्रांसप्लांट कराना पड़ा था। इसके बाद उनकी किडनी ने भी काम करना लगभग बंद कर दिया। लगातार डायलिसिस के बावजूद शरीर में टॉक्सिन का स्तर बढ़ता जा रहा था और इम्यूनिटी कमजोर हो रही थी। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि अब किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प बचा है। दूसरे मरीज 48 वर्षीय अमित कुमार लंबे समय से उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे। अनियंत्रित ब्लड प्रेशर के चलते उनकी दोनों किडनियां खराब हो गईं। स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें भी ट्रांसप्लांट की सलाह दी।

परिवार में कोई डोनर नहीं मिला, पत्नियां बनीं जीवनदाता (Noida Kidney Transplant News)

Valentine Day Special Gift:  दोनों परिवारों में अन्य सदस्य स्वास्थ्य कारणों से डोनर नहीं बन सके। ऐसे में दोनों पत्नियों ने बिना हिचक आगे बढ़कर किडनी दान करने का फैसला लिया। जरूरी मेडिकल जांच, ब्लड ग्रुप मिलान और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्जरी की तारीख तय की गई। करीब साढ़े तीन घंटे चली जटिल सर्जरी को डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। नेफ्रोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. अनुज पोरावल ने बताया कि दोनों केस चुनौतीपूर्ण थे, खासकर उस मरीज का जिसका पहले लीवर ट्रांसप्लांट हो चुका था। एनेस्थीसिया विशेषज्ञों और क्रिटिकल केयर टीम की मुस्तैदी से ऑपरेशन सफल रहा।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।