वाराणसी (उप्र), 17 जनवरी (भाषा) वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर पुनर्विकास कार्य और सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर सोशल मीडिया पर एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) की मदद से बनाई गई तस्वीरें और भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने थाना चौक पर आठ अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस उपायुक्त गौरव बंसल ने बताया कि ये मामले आठ लोगों और कुछ ‘एक्स’ हैंडल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, मणिकर्णिका घाट पर जारी सौंदर्यीकरण के काम से जुड़े असली तथ्यों के उलट, मनगढ़ंत तस्वीरें और गुमराह करने वाली सामग्री सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया गया था। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि इन पोस्ट के माध्यम से हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी तस्वीरें साझा कर आमजन की धार्मिक भावनाओं को आहत करने, समाज में भ्रम और आक्रोश फैलाने तथा सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने बताया कि इस संबंध में तमिलनाडु के जिला रामानाथपुरम अंतर्गत थाना पेरूनाला क्षेत्र के वी. सेतुराजापुरम निवासी मनो (पिता पचामल) द्वारा थाना चौक में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी कंपनी द्वारा मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार से जुड़ी सुविधाओं को सुदृढ़ करने एवं घाट के सुंदरीकरण का कार्य 15 नवंबर 2025 से किया जा रहा है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ‘एक्स’ हैंडल यूजर अशुतोष पोटनिस ने 16 जनवरी की रात सोशल मीडिया पर एआई की मदद से बनाई गई एवं भ्रामक तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों और पोस्ट में वास्तविक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया, जिससे हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों को गुमराह किया गया जिससे समाज में आक्रोश उत्पन्न हुआ।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उक्त पोस्ट के माध्यम से भारत सरकार की तुलना विदेशी आक्रांता औरंगजेब से की गई, जिससे सरकार में आस्था रखने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुईं और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा। इसके बाद पोस्ट पर बड़ी संख्या में आपत्तिजनक टिप्पणियां और री-पोस्ट किए गए, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस का कहना है कि इस तरह की भ्रामक और गलत सूचनाएं फैलाकर न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया गया, बल्कि समाज में सरकार विरोधी मानसिकता पैदा करने का भी प्रयास किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित ‘एक्स’ हैंडल यूजर सहित री-पोस्ट और टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है।
भाषा सं जफर सुरभि
सुरभि