हम शांति चाहते हैं, लेकिन अशांति फैलाने वालों को शांत करना जानते हैं: राजनाथ

हम शांति चाहते हैं, लेकिन अशांति फैलाने वालों को शांत करना जानते हैं: राजनाथ

हम शांति चाहते हैं, लेकिन अशांति फैलाने वालों को शांत करना जानते हैं: राजनाथ
Modified Date: June 14, 2026 / 08:47 pm IST
Published Date: June 14, 2026 8:47 pm IST

आगरा (उप्र), 14 जून (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को जोर देकर कहा कि भारत शांतिप्रिय देश है, लेकिन यह अपनी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वालों से अच्छी तरह से निपटने में पूर्ण रूप से सक्षम है।

यहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, “हम शांति चाहने वाले लोग हैं, लेकिन जो लोग अशांति फैलाते हैं, उन्हें स्थायी रूप से शांत करना हमें आता है।”

राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार की यह कहते हुए आलोचना की कि 2014 से पहले आतंकवादी हमले आम थे और उस समय के राजनेता आतंकवाद के प्रति नरम रवैया अपनाते थे।

उन्होंने कहा, “आज हमारे सशस्त्र बलों को पूरी स्वतंत्रता है। यदि कोई आतंकवादी हमला होता है तो आतंकवादियों को खत्म कर दिया जाता है। यदि उन्हें खत्म करने के लिए सीमा पार करना आवश्यक है तो यह भी किया जाना चाहिए।”

अर्थव्यवस्था को लेकर सिंह ने कहा कि भारत फिलहाल विश्व की सबसे तेजी से प्रगति कर रही अर्थव्यवस्था वाला देश है और यह एक प्रमुख विनिर्माण स्थल के रूप में उभरा है।

उन्होंने कहा, “आईफोन का विनिर्माण भारत में किया जा रहा है और पूरे विश्व को इसकी आपूर्ति की जा रही है। वर्ष 2014 से पहले निराश और हताश रहा भारत अब उम्मीद, ऊर्जा, विश्वास और संकल्प से परिपूर्ण है।”

सिंह ने कहा, “इस बदलाव के पीछे का कारण लोगों का विश्वास और इस सरकार का सही इरादा एवं नीतियां हैं।”

महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि महान शासक की बहादुरी और बलिदान किसी सरकार या इतिहासकार की मंजूरी की मोहताज नहीं है।

सिंह ने कहा, “अकबर चला गया, मुगल चले गए और यहां तक कि उनके वंशज भी इतिहास के पन्नों में खो गए। लेकिन महाराणा प्रताप हर भारतीय के दिल में बसे हुए हैं।”

महाराणा प्रताप को सिर्फ एक राजा से कहीं बढ़कर बताते हुए सिंह ने कहा कि उन्होंने एक ऐसे भारत का प्रतिनिधित्व किया जो आत्म सम्मान और मूल्यों से कभी समझौता नहीं करता।

सिंह ने कहा कि उन्होंने हर मुश्किल का सामना किया, लेकिन मुगलों के सामने कभी नहीं झुके।

रक्षा मंत्री ने कहा कि अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए उन्होंने हल्दीघाटी की पीली मिट्टी को दुश्मनों के खून से लाल कर दिया।

सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन यह शिक्षा देता है कि राष्ट्र और इसके लोगों की गरिमा से अधिक महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है।

उन्होंने कहा, “इसी विचार के मार्गदर्शन पर हमने भारत का गौरव बढ़ाने और प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए पिछले 12 वर्षों से काम कर रहे हैं।”

आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में सिंह ने कहा कि एक दशक पूर्व कोई कल्पना भी कर सकता था कि भारत नक्सली हिंसा से मुक्ति की दिशा में बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि दशकों तक नक्सलियों ने निर्दोष लोगों और सुरक्षा कर्मियों का खून बहाया और हिंसा की वजह से उद्योग स्थापित नहीं हुए, सड़कों का निर्माण नहीं किया जा सका और स्कूल नहीं चल सके।

भाषा सं राजेंद्र जोहेब

जोहेब


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