‘पीलीभीत में ‘ब्रेन-डेड’ घोषित महिला सड़क पर ‘गड्ढे के झटके’ से हुई ठीक’,डॉक्टर बोले:इलाज से ठीक हुई

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‘पीलीभीत में ‘ब्रेन-डेड’ घोषित महिला सड़क पर 'गड्ढे के झटके' से हुई ठीक’,डॉक्टर बोले:इलाज से ठीक हुई

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  • Publish Date - March 11, 2026 / 03:47 PM IST,
    Updated On - March 11, 2026 / 03:47 PM IST

पीलीभीत (उप्र), 11 मार्च (भाषा) पीलीभीत जिले में ‘ब्रेन-डेड’ घोषित की गई 50 वर्षीय एक महिला को एंबुलेंस से घर ले जाते वक्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक गड्ढे से लगे झटके से ‘नया जीवन’ मिल गया और दोबारा इलाज होने के बाद आखिरकार वह ठीक हो गई। उसके परिजनों ने यह दावा किया है।

परिजन के मुताबिक इलाज से कोई फायदा नहीं हो पाने से मायूस होकर जब वे महिला को अपने घर ला रहे थे तभी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 74 पर हाफिजगंज के पास उसे लेकर आ रही एंबुलेंस सड़क पर एक गड्ढे से गुजरी जिससे लगे झटके से उसकी सांसें सामान्य हो गयीं।

हालांकि, बाद में महिला का इलाज करने वाले एक चिकित्सक ने कहा कि महिला का ठीक हो जाना कोई भगवान का चमत्कार नहीं था, बल्कि किसी जहरीले कीड़े या सांप के काटने के शक के आधार पर किए गए इलाज का नतीजा था।

परिजन के मुताबिक पीलीभीत की एक अदालत में वरिष्ठ सहायक के तौर पर कार्यरत विनीता शुक्ला (50) पिछले महीने 22 फरवरी को घर का काम करते समय बेहोश हो गई थीं।

विनीता के पति कुलदीप शुक्ला के मुताबिक उनकी पत्नी को पहले उच्च रक्तचाप की शिकायत थी जिसकी उन्होंने दवा ली थी। उन्होंने बताया कि पिछली 22 फरवरी को वह अचानक बेहोश हो गई और उन्हें पीलीभीत के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां से गंभीर हालत के मद्देनजर उन्हें बरेली रेफर कर दिया गया था।

उन्होंने कहा,‘‘विनीता को बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां वह तीन दिनों तक वेंटिलेटर पर रहीं। बाद में डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि उनके बचने की उम्मीद बहुत कम है और उन्हें रेफरल नोट देकर छुट्टी दे दी।’’

कुलदीप ने कहा कि 24 फरवरी को वह अपनी बेहोश पत्नी को एम्बुलेंस से घर वापस ला रहे थे और उन्होंने रिश्तेदारों को उनके अंतिम संस्कार की तैयारी करने के लिए पहले ही बता दिया था।

उन्होंने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हाफिजगंज के पास, एम्बुलेंस अचानक एक बड़े गड्ढे में जा घुसी और गाड़ी जोर से हिलने लगी। थोड़ी देर बाद, मेरी पत्नी ने फिर से सामान्य तरीके से सांस लेना शुरू कर दिया। हमने तुरंत रिश्तेदारों से अंतिम संस्कार की तैयारी रोकने को कहा। इसके बाद हम विनीता को पीलीभीत के न्यूरोसिटी हॉस्पिटल ले गए।’’

परिजन ने बताया कि करीब 12 दिनों तक गहन इलाज के बाद विनीता सोमवार को घर लौट आई।

कुलदीप ने कहा,‘‘वह अब होश में हैं और हमसे बात कर सकती है।’’

इस बीच, न्यूरोसिटी हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जन डॉक्टर राकेश सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जब महिला को उनके पास लाया गया तो वह पूरी तरह बेहोश थी लेकिन उसकी सांसें धीमी चल रही थीं।

उन्होंने कहा,‘‘जांच के दौरान हमने महिला के पैर पर एक निशान देखा, जिससे किसी जहरीले सांप या कीड़े के काटने का पता चलता है। उसकी हालत उच्च रक्तचाप के बजाय न्यूरोटॉक्सिन पॉइज़निंग से जुड़ी लग रही थी।’’

सिंह ने कहा कि मेडिकल जांच के आधार पर डॉक्टरों ने जहर के असर के हिसाब से इलाज किया, जिससे विनीता की सेहत में आखिरकार काफी सुधार हुआ।

भाषा सं सलीम राजकुमार

राजकुमार