लखनऊ, नौ अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त उपभोक्ताओं की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए इसकी गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा है कि आम उपभोक्ता स्वाभाविक रूप से ईमानदार होता है और यदि उसे समय पर सही बिल प्राप्त हो, तो वह भुगतान करने में बिल्कुल नहीं हिचकता है।
मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में ऊर्जा विभाग के कार्यां की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने ‘ओवरबिलिंग’ की समस्या की वास्तविक स्थिति का पता लगाने हेतु विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है, तो उसका बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाना चाहिए।
एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों का वास्तविक लाभ अन्तिम उपभोक्ता तक पहुंचे, इसके लिए विश्वसनीय आपूर्ति, तकनीकी दक्षता और जवाबदेही को आधार बनाकर कार्य किया जाए।
उन्होंने ‘स्मार्ट मीटरिंग’, पारेषण हानि में कमी, उपभोक्ता सेवाओं के डिजिटलीकरण तथा राजस्व संग्रह में सुधार को तेज करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बिलिंग एवं भुगतान प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने पर बल देते हुए उपभोक्ताओं को समय पर और सटीक बिल उपलब्ध कराने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को उपभोक्ता विश्वास के अनुरूप बनाने तथा शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण पर विशेष बल दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि ऊर्जा मंत्री एवं पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित व प्रभावी निराकरण सुनिश्चित कराएं।
मुख्यमंत्री ने ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया को और तेज किये जाने के निर्देश दिये, जिससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी न हो।
भाषा जफर राजकुमार
राजकुमार