Badrinath Temple: बद्रीनाथ का कपाट खुलते ही गूंजा पूरा धाम, CM धामी ने की पहली पूजा, देश-विदेश से पहुंचे 15 हजार श्रद्धालु ने की दर्शन

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Badrinath Temple: बद्रीनाथ का कपाट खुलते ही गूंजा पूरा धाम, CM धामी ने की पहली पूजा, देश-विदेश से पहुंचे 15 हजार श्रद्धालु ने की दर्शन

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  • Publish Date - April 23, 2026 / 02:36 PM IST,
    Updated On - April 23, 2026 / 02:37 PM IST

Badrinath Temple | Photo Credit: @DIPR_UK

HIGHLIGHTS
  • बद्रीनाथ धाम के कपाट ग्रीष्मकाल हेतु श्रद्धालुओं के लिए खुले
  • लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया
  • मुख्यमंत्री धामी ने पूजा-अर्चना और भंडारे का शुभारंभ किया

देहरादून: Badrinath Temple भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट गुरुवार प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर विधिविधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्रीष्मकाल हेतु श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा बदरीनाथ धाम भक्ति और श्रद्धा के भाव से सराबोर हो उठा। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से पहुंचे लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल एवं अखंड ज्योत के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

Badrinath Temple मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाटोद्घाटन के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर तथा आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी सहित अन्य मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री ने धाम पहुंचे तीर्थयात्रियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने हेतु हर स्तर पर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री ने देश विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से हरित एवं स्वच्छ चारधाम यात्रा में सहयोग करने का आह्वान करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही श्री बदरीनाथ धाम में आस्था, परंपरा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और यादगार अनुभव बनेगा।

कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक अवसर पर माणा एवं बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों के साथ मंदिर प्रांगण में झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे संपूर्ण वातावरण लोक संस्कृति और आस्था के रंग में रंग गया। वहीं देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भी भजन-कीर्तन कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धाम में संचालित भंडारे का रिबन काटकर शुभारंभ किया तथा श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने भंडारा संचालकों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और मानव सेवा ईश्वर सेवा उत्थान समिति द्वारा संचालित विशाल भंडारे की सराहना की।

इस अवसर पर जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, बीकेटीसी के सीईओ विशाल मिश्रा, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, रावल अमरनाथ नंबूदरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, आचार्य वाणी विलास डिमरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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बद्रीनाथ धाम के कपाट कब खुले?

गुरुवार प्रातः 6:15 बजे कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए।

कपाट खुलने पर कितने श्रद्धालु उपस्थित थे?

लगभग 15 हजार श्रद्धालु कपाटोद्घाटन के समय उपस्थित रहे।

पहली महाभिषेक पूजा किसके नाम से हुई?

पहली महाभिषेक पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न हुई।