Uttarakhand Madrasa Board Rules: सरकार का बड़ा ऐलान, मदरसों में अब बदलेगा पढ़ाई का तरीका, लागू हुए नए नियम, जानें क्या-क्या बदला

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Uttarakhand Madrasa Board Rules: सरकार का बड़ा ऐलान, मदरसों में अब बदलेगा पढ़ाई का तरीका, लागू हुए नए नियम, जानें क्या-क्या बदला

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  • Publish Date - July 1, 2026 / 08:20 AM IST,
    Updated On - July 1, 2026 / 08:26 AM IST

Uttarakhand Madrasa Board Rules/Photo Credit: AI Image

HIGHLIGHTS
  • 1 जुलाई 2026 से उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो गया है
  • अब राज्य के सभी मान्यता प्राप्त मदरसों की निगरानी, मान्यता और पाठ्यक्रम की जिम्मेदारी राज्य अल्पसंख्यक शिक्षण प्राधिकरण संभालेगा
  • मदरसों में अब NCERT आधारित विज्ञान, गणित और कंप्यूटर जैसे विषय भी पढ़ाए जाएंगे

Uttarakhand Madrasa Board Rules: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के मदरसा बोर्ड को लेकर एक बड़ा फैसला किया है, जो आज यानी 1 जुलाई 2026 से लागू हो गया है। इस नए फैसले से मदरसों को चलाने का पूरा तरीका बदल जाएगा। राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, 30 जून 2026 को उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो गया। अब से राज्य के सभी मदरसों की निगरानी, मान्यता, पाठ्यक्रम और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कमान राज्य अल्पसंख्यक शिक्षण प्राधिकरण के हाथों में होगी।

मदरसों में लागू होंगे स्कूलों के सभी नियम

Uttarakhand Madrasa Board Rules उत्तराखंड मदरसों (New Madrasa Rules 2026) के मूल स्वरूप को बदलने वाला देश का पहला प्रदेश बन गया है। राज्य के सभी पंजीकृत मदरसों में स्कूली पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही स्कूलों के सभी नियम इन मदरसों में भी लागू होंगे। राष्ट्रीय शिक्षा मानकों के अनुरूप NCERT आधारित पाठ्यक्रम अपनाना होगा। ऐसे में उत्तराखंड के बिना मान्यता के संचालित होने वाले करीब 500 मदरसों पर भी संकट खड़े हो गए है।

  1. मदरसों में अब पारंपरिक धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ NCERT आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा।
  2. छात्रों को अब विज्ञान, गणित और कंप्यूटर की शिक्षा भी दी जाएगी।
  3. नियमों के पालन नहीं करने वाले मदरसों को बंद कर दिया जाएगा।
  4. राज्य के सभी मान्यता प्राप्त मदरसों को अब नए नियमों का पालन करना होगा।
  5. उत्तराखंड में बिना मान्यता के संचालित मदरसे पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
  6. अनुमान के मुताबिक, राज्य के मदरसों में करीब 60 से 70 हजार छात्र पढ़ाई करते हैं, जिन्हें अब आधुनिक शिक्षा दी जाएगी।

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उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड कब समाप्त हुआ?

उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड का अस्तित्व 30 जून 2026 को समाप्त हो गया और नए नियम 1 जुलाई 2026 से लागू हो गए।

अब मदरसों का संचालन कौन करेगा?

अब राज्य के सभी मान्यता प्राप्त मदरसों की निगरानी, मान्यता, पाठ्यक्रम और प्रशासनिक व्यवस्था राज्य अल्पसंख्यक शिक्षण प्राधिकरण के अधीन होगी।

मदरसों में अब क्या नया पढ़ाया जाएगा?

धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ NCERT आधारित विज्ञान, गणित, कंप्यूटर और अन्य स्कूली विषय भी पढ़ाए जाएंगे।

बिना मान्यता वाले मदरसों पर क्या असर पड़ेगा?

राज्य के करीब 500 बिना मान्यता वाले मदरसों को नए नियमों का पालन करना होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

उत्तराखंड में कितने छात्र मदरसों में पढ़ते हैं?

अनुमान के अनुसार, राज्य के मदरसों में करीब 60 से 70 हजार छात्र अध्ययन करते हैं, जिन्हें अब आधुनिक शिक्षा से भी जोड़ा जाएगा।

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