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कई झरनों के समूह के समान दिखाई देता है देवपहरी जलप्रपात
देवपहरी कोरबा जिले के अंतर्गत आने वाला एक गाँव है जो कोरबा से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है इसी गाँव के समीप चोरनई नदी में गोविंद झुंझा जलप्रपात जिसे देवपहरी जलप्रपात के नाम से भी जाना जाता है।

मैकल पर्वत श्रृंखला के ऊंचे पहाड़ों से घिरा है ये जलप्रपात
मैंकल पर्वत के श्रेणी के अंतर्गत आने वाला यह रानीदहार वाटरफॉल चारो तरफ पहाड़ों और जंगलों से घिरा हुआ है जिसके कारण यहां का वातावरण और भी मनमोहक होता है।

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छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में स्थित रामदाह जलप्रपात घने जंगलों के बीच स्थित है। इसे देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं।

छत्तीसगढ़ में घने जंगलों के बीच छिपा है यह जलप्रपात
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में स्थित रामदाह जलप्रपात घने जंगलों के बीच स्थित है। इसे देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं।

मानसून में पर्यटकों का मन मोह लेता है मलाजकुडूम जलप्रपात का सुंदर नजारा
कांकेर में मलाजकुडूम जलप्रपात तीन अलग-अलग झरनों से बना है। कांकेर जिला छत्तीसगढ़ के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित है और पहले पुराने बस्तर जिले का हिस्सा था।

रामायण कालीन कथाओं से जुड़ा है देवधारा जलप्रपात का इतिहास
देवधारा जलप्रपात की पौराणिक मान्यता अनुसार, भगवान राम के बनवास के कुछ पल इन्हीं देवधारा के वादियों में व्यतीत किए गए थे, जिस वजह से इस विशाल जलप्रपात का नाम देवधारा जलप्रपात पड़ा।

महादेव को समर्पित “रानीदाह जलप्रपात”
रानी दाह जलप्रपात भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिले में स्थित है। यह घने जंगलों में बसा हुआ है, जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर।

बस्तर की सुंदरता का एक अद्भुत नमूना है चित्रधारा जलप्रपात
बस्तर जिले में जगदलपुर से 13 कि.मी. दूर करंजी गांव के समीप एक पहाड़ी से खंड-खंड में गिरते पानी वाला यह आकर्षक जलप्रपात है । यह जलप्रपात आसपास के लोगों के लिए पर्यटन का प्रमुख स्थल है।

बारिश में पर्यटकों को आकर्षित कर रहा कांगेर धारा जलप्रपात
कांगेर धारा जलप्रपात छत्तीसगढ़ के जगदलपुर ज़िले में ‘कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान’ में स्थित है। बस्तर जिले में कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित इस जलप्रपात की ऊंचाई 20 फुट है।

बस्तर के 16 श्रृंगारों में से एक है चित्रकोट जलप्रपात
छत्तीसगढ़ के दर्शनीय स्थलों का ज़िक्र हो और चित्रकोट जलप्रपात का ज़िक्र न हो, यह भला कैसे संभव हो सकता है। बस्तर के 16 श्रृंगारों में से एक है चित्रकोट जलप्रपात। यहां जानें चित्रकोट फॉल के बारे में..
सेहत के लिए बेहद फाय़देमंद है रसीली लीची के बीज
सेहत के लिए बेहद फाय़देमंद है रसीली लीची के बीज.. लीची गर्मियों का फल है। इसे खाने के लिए हम साल भर बेसब्री से इंतजार करते हैं। यह न सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि स्वास्थ्य लाभों से भी भरपूर है।

यह दिन दुनिया भर में 13वें अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के रूप में मनाया जाता है…
प्रत्येक वर्ष 29 जुलाई को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस, लुप्तप्राय बाघ प्रजातियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है।

20 रुपये के सिक्के के बारे में जानें यह खास बातें

IMD ने भारी बारिश के संकेत देखते हुए मुंबई और आसपास के इलाको के लिये रेड अलर्ट जारी किया है..
शहर में भारी बारिश के बाद गुरुवार को निचले इलाकों के निवासियों की नींद खुली तो सड़कों, अंडरब्रिजों और घरों में पानी भर गया।

आज देश के महान विचारक और 11वें राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि है..
आज देश के महान विचारक और 11वें राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि है डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के अनमोल एवं सफल विचार ।

जब ये परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है तो इससे आंखों का विजन में ब्लर हो जाता है…
संक्रमित व्यक्ति की आंखों से निकलने वाले आंसुओं के संपर्क में आने से संक्रमण बढ़ जाता है. इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के खांसी के दौरान छींकने से भी संक्रमण फैल सकता है।

Kargil Vijay Diwas: 26 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है कारगिल विजय दिवस? जानें इतिहास
पाकिस्तान की सेना ने भारतीय क्षेत्र कारगिल की ऊंची चोटियों पर कब्जा कर लिया, बदले में भारतीय सेना ने “ऑपरेशन विजय” को अंजाम दिया।

सावन महीने में जरूर लगाएं ये 5 पौधे, चमक जाएगी किस्मत…
सावन में अनार का पौधा घर के सामने या मुख्य द्वार पर रात के समय में लगाना शुभ माना जाता है। इसे लगाने से घर का वातावरण अच्छा रहता है और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।

ये है दुनिया के सबसे कम आबादी वाले देश
जब भी हम ‘पॉपुलेशन’ की बात करते हैं तो अक्सर उन देशों का जिक्र होता है, जिनकी जनसंख्या बहुत ज्यादा है। क्या आपको उन देशों के बारे में पता है, जिनकी आबादी कम है।

अब बीजेपी का नारा बेटी जलाओ’, मणिपुर में महिलाओं से दरिंदगी पर भड़कीं ममता बनर्जी ।
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी विरोधियों को अपना राजनीतिक संदेश देना चाहती हैं।
