कोरोना वैक्सीन को लेकर नजर आने लगी उम्मीद की किरण, जानिए किस देश को मिलेगी पहले?
कोरोना वैक्सीन को लेकर नजर आने लगी उम्मीद की किरण, जानिए किस देश को मिलेगी पहले?
लंदन। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर जारी है, कोरोना से मुक्ति के लिए पूरी दुनिया में डेढ़ सौ से अधिक वैक्सीन पर काम चल रहा है। इनमें से 138 प्रीक्निकल ट्रायल के फेस में हैं, इनमें से 17 पहले फेस में, 9 दूसरे फेज में और तीन वैक्सीन तीसरे फेज में हैं। इस बीच कोरोना वायरस के जख्मों से जूझ रही दुनिया को रोशनी की किरण नजर आने लगी है।
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सवाल यह है कि पहली वैक्सीन कौन-सा देश बनाएगा? अमेरिका, भारत, रूस, ब्रिटेन समेत कई देशों में कोरोना की दर्जनभर वैक्सीनों का परीक्षण अलग-अलग चरण पर जारी है। लेकिन इन सब देशों में वैक्सीन तैयार करने के मामले में ब्रिटेन सबसे आगे चल रहा है। लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल अंतिम चरण में है, ऑक्सोफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ AstraZeneca Plc मिलकर वैक्सीन के ट्रायल पर काम कर रही है।
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ऑक्सफोर्ड के वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो सितंबर कोरोना की वैक्सीन लॉन्च भी हो जाएगी, इससे दुनिया में कोरोना की वैक्सीन को लेकर उम्मीदें बढ़ गयी हैं। अभी तक ज्यादातर कंपनियां तीसरे फेज क्लीनिकल ट्रायल तक ही पहुंच पाई हैं, क्लीनिकल ट्रायल में भी तीन चरण होते हैं। पहले चरण में 100 से कम लोगों पर ट्रायल किया जाता है, दूसरे चरण में सैकड़ों और तीसरे चरण में हजारों लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल होता है।
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