विषयवस्तु तैयार करने के साथ ही एआई सड़क हादसों का पूर्वानुमान लगाने में भी कारगर: विशेषज्ञ
विषयवस्तु तैयार करने के साथ ही एआई सड़क हादसों का पूर्वानुमान लगाने में भी कारगर: विशेषज्ञ
(बरुण झा)
दावोस, 19 जनवरी (भाषा) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सिर्फ ऑनलाइन टेक्स्ट, तस्वीरें और वीडियो बनाने के लिए ही कारगर नहीं है, बल्कि यह सड़क हादसों का पूर्वानुमान लगाकर असल जिंदगी में भी बड़ा बदलाव ला सकता है। सेवलाइफ फाउंडेशन के संस्थापक और सीईओ पीयूष तिवारी ने विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक के दौरान यह बात कही।
सड़क दुर्घटना में अपने परिवार के एक कम उम्र के सदस्य को खोने के बाद सड़क सुरक्षा की दिशा में काम कर रहे तिवारी ने कहा कि उनका संस्थान पूर्वानुमान संबंधी विश्लेषण के लिए एआई का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है।
उन्होंने सड़क सुरक्षा में एआई को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की भी तारीफ की।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल में एक पहल की घोषणा की जिसमें एआई का इस्तेमाल सड़क दुर्घटना के डेटा को समझने और तेज़ी से जानकारी देने के लिए किया जाएगा।
तिवारी ने कहा, ‘‘क्या हम कुछ आंकड़ों को एक साथ लाकर सड़क दुर्घटनाओं का पूर्वानुमान लगा सकते हैं? तो, निश्चित रूप से इसके बहुत सारे अनुप्रयोग हैं, और संकेत बहुत अच्छे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सेवलाइफ में, हम पिछले 7-8 साल से एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। हमने एआई का इस्तेमाल करके कैमरों को तैयार किया है, जिनमें ड्रोन लगाया गया है ताकि राजमार्गों पर खड़ी गाड़ियों की पहले से पहचान हो सके। जब सड़क सुरक्षा की बात होती है तो वाहनों में पीछे से टक्कर लगना एक बड़ी समस्या है।’’
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) में एआई और सामाजिक नवाचार सत्रों में हिस्सा ले रहे तिवारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के इस पूरे क्षेत्र में एआई का काफी इस्तेमाल हो रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि मैं भारत में इसे बहुत, बहुत जमीनी स्तर पर इस्तेमाल करने के अपने अनुभव के बारे में योगदान दे पाऊंगा।’’
भाषा वैभव मनीषा
मनीषा

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