(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, तीन सितंबर (भाषा) अमेरिका में दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ बढ़ते भेदभाव, नफरत और हिंसा पर चिंता जताते हुए निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने सरकार से इसके खिलाफ ठोस कदम उठाने की मांग की।
यह मांग बुधवार को अमेरिकी संसद में आयोजित एक गोलमेज बैठक के दौरान की गई। इस बैठक का आयोजन ‘इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट और स्टॉप एएपीआई हेट’ द्वारा किया गया था। इसमें दक्षिण एशियाई मूल के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
गोलमेज बैठक में अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य राजा कृष्णमूर्ति, श्री थानेदार, अमी बेरा, सुहास सुब्रमण्यम और प्रमिला जयपाल के साथ-साथ दक्षिण एशियाई मूल के स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कृष्णमूर्ति ने एक बयान में कहा, ‘‘यह पहल सिर्फ दक्षिण एशियाई अमेरिकियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य यह भी सुनिश्चित करना है कि किसी भी अमेरिकी नागरिक को उसके जन्मस्थान, धार्मिक आस्था या उसके नाम और पहचान के आधार पर यह महसूस न कराया जाए कि वह अमेरिका का हिस्सा नहीं है।’’
बैठक में प्रतिभागियों ने चर्चा की कि दक्षिण एशियाई समुदाय किन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, कौन-सी ताकतें या परिस्थितियां ‘‘नफरत को बढ़ावा दे रही हैं’’, और नफरत से जुड़ी घटनाओं की रोकथाम, रिपोर्टिंग तथा उन पर प्रतिक्रिया देने की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कौन-सी रणनीतियां अपनाई जा सकती हैं।
इलिनॉय से कांग्रेस सदस्य कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘इसी वजह से मैं घृणा अपराधों के प्रति हमारी प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए काम कर रहा हूं। इसमें ‘घृणा अपराध आयोग अधिनियम’ भी शामिल है, ताकि हम बेहतर तरीके से समझ सकें कि इस नफरत को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियां क्या हैं और हिंसा होने से पहले ही उसे रोक सकें।’’
इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने कहा, ‘‘ हमने उन नेताओं की बातें सुनीं, जिन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया गया है। हमने यह भी जाना कि उनके जिलों और समुदायों में क्या हो रहा है। आने वाले महीनों में हम देशभर में इस तरह की और बातचीत आयोजित करने में मदद करेंगे।’’
कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘आज की गोलमेज बैठक में देशभर से दक्षिण एशियाई नेताओं को एक साथ लाया गया, ताकि हमारे समुदायों में बढ़ रही नफरत, उत्पीड़न और हिंसा का सामना किया जा सके और इस पर ध्यान केंद्रित किया जा सके कि हम इसके खिलाफ क्या कदम उठा सकते हैं।’’
इस वर्ष की शुरुआत में कृष्णमूर्ति ने सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्य ग्रेस मेंग और निडिया वेलाजक्वेज के साथ मिलकर घृणा अपराध आयोग अधिनियम को दोबारा पेश किया था।
इस विधेयक का उद्देश्य एक द्विदलीय आयोग स्थापित करना है, जो यह जांच करेगा कि घृणा अपराधों को बढ़ावा देने वाले कारण क्या हैं। इसमें सोशल मीडिया और तकनीक की भूमिका की भी जांच की जाएगी। आयोग घृणा अपराधों की पूरी तरह रिपोर्टिंग में आने वाली बाधाओं का आकलन करेगा और उनकी रोकथाम तथा उन पर प्रभावी प्रतिक्रिया देने की सफल रणनीतियों की पहचान करेगा।
इस गोलमेज बैठक में नॉर्थ कैरोलाइना, न्यू जर्सी, वर्जीनिया, कैलिफोर्निया, मिशिगन, टेक्सास और पेंसिल्वेनिया के राज्य और स्थानीय स्तर के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
भाषा गोला शोभना
शोभना