मैरीलैंड (अमेरिका), तीन सितंबर (एपी) अमेरिका में जन्मजात नागरिकता को सीमित करने संबंधी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नवीनतम प्रयास पर एक संघीय न्यायाधीश ने रोक लगा दी है।
न्यायाधीश ने उस कार्यकारी आदेश के खिलाफ प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी की है जिसके बारे में ट्रंप प्रशासन ने कहा था कि इसका उद्देश्य ‘‘बर्थ टूरिज्म’’ को निशाना बनाना है।
ट्रंप प्रशासन ने कहा था कि ‘‘बर्थ टूरिज्म’’ के तहत विदेशी लोग बच्चे के जन्म के लिए अमेरिका आते हैं, ताकि बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिल सके।
मैरीलैंड में अमेरिकी जिला न्यायाधीश डेबोरा एल. बोर्डमैन ने बुधवार को यह निषेधाज्ञा तब तक लागू रखने का आदेश दिया, जब तक कि प्रवासी परिवारों और उनके समर्थन में काम करने वाले संगठनों द्वारा दायर सामूहिक मुकदमे का निपटारा नहीं हो जाता।
बोर्डमैन ने बुधवार को दिये आदेश में कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि प्रमाणित वर्ग में शामिल बच्चे जन्म से ही नागरिक हैं।’’
वर्तमान कानून के तहत अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाले किसी भी व्यक्ति को, कुछ अपवादों को छोड़कर, जन्मजात नागरिकता की गारंटी प्राप्त है।
लेकिन ट्रंप लंबे समय से जन्मसिद्ध नागरिकता को समाप्त करना चाहते हैं। उन्होंने पहले एक कार्यकारी आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका में अवैध रूप से या अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के यहां जन्म लेने वाले बच्चे अमेरिकी नागरिक नहीं हैं। उच्चतम न्यायालय ने जून में इस प्रयास को खारिज कर दिया था।
राष्ट्रपति ने अगस्त में एक बार फिर कोशिश की और एक सीमित दायरे वाला कार्यकारी आदेश जारी किया।
इस आदेश में ‘‘बर्थ टूरिज्म’’ को इस प्रकार परिभाषित किया गया है: ऐसा व्यक्ति जो “अमेरिकी धरती पर बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से गैर-अप्रवासी वीजा पर अमेरिका में प्रवेश करता है।’’
अगर कोई व्यक्ति विशेष रूप से अपने बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका जाने के लिए वीजा मांगता है, तो इसे पहले से ही धोखाधड़ी माना जा सकता है और यह वीजा पर प्रतिबंध लगाने या वीजा न देने का आधार हो सकता है।
प्रशासन के वकीलों ने दलील दी कि आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध समय से पहले किया गया है। उन्होंने कहा कि संघीय एजेंसियां इसे लागू करने के लिए “उचित उपाय” अपनाएंगी और इसके लिए वे ऐसे आधिकारिक दिशा-निर्देशों पर निर्भर होंगी, जिन्हें अभी तक जारी नहीं किया गया है।
न्यायाधीश ने इस दलील को खारिज कर दिया।
बोर्डमैन ने कहा, “दिशा-निर्देश चाहे कुछ भी कहते हों, 2026 का कार्यकारी आदेश एजेंसियों को बच्चों की कई व्यापक श्रेणियों को नागरिकता संबंधी दस्तावेज देने से इनकार करने का आदेश देता है।’’
व्हाइट हाउस ने टिप्पणी के अनुरोध पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
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देवेंद्र वैभव
वैभव